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लाहुल-स्पीति में 3 सप्ताह से झील में डूबा पुल, किसी ने नहीं ली सुध तो ग्रामीणों ने लिया राफ्ट का सहारा

By Jaswant Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 05:20 PM (IST)

लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी में बाढ़ के कारण तीन सप्ताह से पुल झील में डूबा है, जिससे करपट गांव का ...और पढ़ें

HighLights

  1. मयाड़ घाटी में तीन सप्ताह से पुल झील में डूबा।

  2. करपट गांव का संपर्क कटा, किसानों की फसलें बर्बाद।

  3. ग्रामीण राफ्ट से कर रहे हैं फसल परिवहन का प्रयास।

जागरण संवाददाता, मनाली। हिमाचल प्रदेश में लाहुल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में बाढ़ के बाद किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ कुदरत ने फसलें बर्बाद कीं, तो दूसरी तरफ व्यवस्था की लापरवाही ने उनकी कमर तोड़ दी है। मयाड़ नाले के मुहाने पर भारी मलबा जमा होने से पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है और पूरा नाला एक बड़ी झील में तब्दील हो गया है। 

इस झील में करपट का पुल पिछले तीन सप्ताह से डूबा हुआ है। पुल डूबने से करपट गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है, वाहनों की आवाजाही ठप है। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है।

खेतों में सड़ने लगी थी फसल

मयाड़ घाटी में इन दिनों गोभी की नगदी फसल का सीजन पीक पर है। खेतों में फसल तैयार खड़ी है, लेकिन उसे मंडी तक ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचा। समय पर मंडी न पहुंचने से फसलें खेतों में ही खराब हो रही है। 

राफ्ट का सहारा

अपनी साल भर की मेहनत को बर्बाद होते देख किसानों ने खुद ही रास्ता निकाला है। लाहुल के चौखंग गांव के रवि ने करपट के ग्रामीणों की दिक्कत को देखते हुए अपनी राफ्ट उन्हें दी है।

कोई सुध लेने वाला नहीं 

युवक मंडल करपट के प्रधान सचिन ने दर्द बयां करते हुए कहा कि बाढ़ ने इस बार कमर ही तोड़ दी है। तीन सप्ताह से पुल पानी में डूबा है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। गोभी की फसल तैयार है, लेकिन सरकार उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रही है।

32 किसानों की फसल पर संकट

उन्होंने बताया कि नाले में बाढ़ का पानी भी कम नहीं हो रहा है, जिस कारण राहत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र समस्या का समाधान नहीं करती है तो 32 किसानों की फसल खराब हो जाएगी, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि चौखंग गांव के रवि राफ्ट से उनकी मदद कर रहे है। 

विधायक से उठाया मामला

वहीं दूसरी ओर उदयपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुशल ठाकुर ने कहा कि मामला विधायक अनुराधा राणा के ध्यान में है। उनके निर्देशानुसार पीडब्ल्यूडी विभाग जेसीबी मशीनों से नाले के मुहाने पर जमा मलबा हटा रहा है, ताकि झील का पानी निकल सके। विभाग यातायात सुचारू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन नाले में पानी अधिक होने से मशीन बार-बार खराब हो रही है। राफ्ट का ट्रायल सफल रहता है तो अतिरिक्त राफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।

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