हिमाचल में 5 साल बाद भी अनुबंध से वंचित पंचायत वेटरनरी सहायक, वित्त विभाग ने फाइल लौटाई; अब CM से गुहार
हिमाचल प्रदेश में पंचायत वेटेरनरी सहायक पांच साल की सेवा पूरी होने के बाद भी अनुबंध पर न लाए जाने ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत वेटरनरी सहायक संघ ने सीएम सुक्खू से मांग उठाई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पंचायत वेटेरनरी सहायक अनुबंध पर लाने की मांग कर रहे हैं।
वित्त विभाग ने अनुबंध की फाइल को मंजूरी नहीं दी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से अनुबंध लाभ की गुहार।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग में कार्यरत पंचायत वेटेरनरी सहायकों ने अनुबंध पर लाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पांच साल की निर्धारित सेवा पूरी होने के बावजूद उन्हें अनुबंध का लाभ नहीं मिला है। इससे उन्हें हर महीने आर्थिक नुकसान हो रहा है और कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।
वित्त विभाग से नहीं मिली मंजूरी
कर्मचारियों के अनुसार, अनुबंध से जुड़ी फाइल वित्त विभाग को भेजी गई थी, लेकिन वहां से मंजूरी नहीं मिली। अब उन्हें मुख्यमंत्री से उम्मीद है। 2016-18 बैच के पशु औषधियोजकों को वर्ष 2020 में पंचायत वेटेरनरी सहायकों के पदों पर नियुक्त किया गया था। उनकी पांच साल की सेवा सितंबर 2025 में पूरी हो गई, लेकिन अब तक उन्हें अनुबंध पर नहीं लाया गया है।
सिर्फ 7500 रुपये वेतन
विभागीय व्यवस्था के तहत नियुक्ति के बाद पांच साल तक उन्हें 7,500 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन दिया जाता है। निर्धारित अवधि पूरी होने पर अनुबंध मिलने से वेतन में बढ़ोतरी होती है।
वंचित रखा बैच
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि वर्ष 2023 में उनसे पहले नियुक्त 2015-17 बैच के कर्मचारियों को अनुबंध का लाभ दिया गया था। पात्रता पूरी करने के बावजूद 2016-18 बैच को इससे वंचित रखा जा रहा है।
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