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हिमाचल में बिना प्रमोशन रिटायर हो रहे शिक्षक, वेटिंग में TGT के सबसे ज्यादा पद; DPC के बावजूद सूची का इंतजार

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 16 Sep 2026 12:54 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में वर्षों की सेवा के बाद भी कई शिक्षक पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, क्योंकि शिक्षा विभाग में पदोन्नति की फाइलें लंबित हैं।

हिमाचल प्रदेश के शिक्षक प्रमोशन के इंतजार में रिटायर हो रहे हैं। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश के शिक्षक प्रमोशन के इंतजार में रिटायर हो रहे हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हिमाचल में कई शिक्षक बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

  2. 1349 टीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति सूची अभी भी लंबित है।

  3. 624 हेडमास्टर पद रिक्त, स्कूलों में नेतृत्व का अभाव।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में वर्षों की सेवा के बाद पदोन्नति का इंतजार करते-करते शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में लंबित पदोन्नति की फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। हिमाचल में 1349 टीजीटी की पदोन्नति अटकी हुई है। इनमें 624 टीजीटी व प्रमोटी प्रवक्ता पिछले चार माह से हेडमास्टर पदोन्नति सूची की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

वहीं, टीजीटी से प्रवक्ता पद के लिए 749 शिक्षकों की डीपीसी सितंबर 2025 में हो चुकी है, लेकिन करीब एक साल बाद भी पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई। कई पात्र शिक्षक बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष विजय बरवाल और महासचिव विजय हीर ने सरकार से लंबित सूचियां तुरंत जारी करने की मांग की है। संघ के अनुसार प्रदेश के 624 हाई स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं। टीजीटी से हेडमास्टर पदोन्नति से करीब 600 पद भरे जा सकते हैं। पदोन्नति में देरी से स्कूलों में नेतृत्व के पद खाली हैं और दूसरी ओर पात्र शिक्षक अपने पदोन्नति लाभ से वंचित होकर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

शिक्षकों के समायोजन का रास्ता भी होगा आसान

संघ ने कहा कि 749 शिक्षकों की प्रवक्ता पदोन्नति सूची जारी होने से डीम्ड नियमित शिक्षकों को पदोन्नति मिल सकती है और करीब 550 शिक्षकों पर मंडरा रहा पदावनति का खतरा खत्म हो सकता है। इससे सीबीएसई कैडर में नियुक्त शिक्षकों के समायोजन का रास्ता भी आसान होगा।

टीजीटी कैडर की रिक्तियां बढ़ेंगी

हेडमास्टर पदोन्नति से टीजीटी कैडर में रिक्तियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति के लिए स्टेशन उपलब्ध हो सकेंगे। संघ ने सवाल उठाया कि एक ओर हजारों पद रिक्त हैं, वहीं दूसरी ओर पदोन्नति की कतार लंबी होती जा रही है।

जेबीटी-सीएंडवी भी तीन साल से इंतजार में

जेबीटी और सीएंडवी शिक्षक भी करीब तीन साल से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनके पदोन्नति पैनल फरवरी 2026 में जारी हो चुके हैं, लेकिन पदोन्नति सूचियां अब तक नहीं निकलीं। संघ ने कहा कि लगातार टल रही प्रक्रिया से शिक्षक वर्ग में गहरी निराशा है। सरकार लंबित प्रक्रिया पूरी कर शिक्षकों को उनका हक दे, ताकि कोई शिक्षक पदोन्नति आदेश हाथ में आने से पहले ही सेवानिवृत्त होने को मजबूर न हो।

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