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हिमाचल में शिक्षकों की ट्रांसफर की पैरवी तेज, सत्र के बीच रोक के बावजूद DO व आवेदन की भरमार; CM ने किए होल्ड

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 03 Oct 2026 06:13 PM (IST)

शिक्षकों के तबादलों को लेकर हिमाचल प्रदेश में पैरवी तेज हो गई है, लेकिन मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र के बीच ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. शिक्षकों के तबादलों की पैरवी हिमाचल में हुई तेज।

  2. मुख्यमंत्री ने सभी तबादला प्रस्तावों को होल्ड पर रखा।

  3. केवल अति आवश्यक मामलों में ही मिलेगी तबादले की अनुमति।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों की पैरवी तेज हो गई है। बीच शैक्षणिक सत्र में तबादलों पर रोक के बावजूद रोजाना आवेदन और मंत्रियों-विधायकों के डीओ मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच रहे हैं। तबादलों की बढ़ती फेहरिस्त को देखते हुए मुख्यमंत्री ने फिलहाल सभी प्रस्ताव होल्ड पर रखने के निर्देश दिए हैं।

अब केवल अति आवश्यक मामलों में ही तबादले की अनुमति देने के संकेत हैं। शिक्षा विभाग में करीब 80 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। 

सत्र के बीच रहती है रोक

सामान्य तौर पर शैक्षणिक सत्र के बीच तबादलों पर रोक रहती है, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। 31 मार्च के बाद सरकार सामान्यतः करीब 15 दिन के लिए तबादला प्रतिबंध हटाती है, लेकिन इस वर्ष यह अवधि भी नहीं खोली गई। इसके बावजूद व्यक्तिगत और प्रशासनिक आधार पर तबादलों के लिए आवेदन लगातार पहुंच रहे हैं। 

डीओ ने और बढ़ाए प्रस्ताव

मंत्रियों और विधायकों की ओर से जारी डीओ ने इन प्रस्तावों की संख्या और बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग से होते हुए तबादलों की लंबी सूची मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद फिलहाल इन प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

सीबीएसई स्कूलों में हो रही तैनाती

इस बार सरकारी स्कूलों के बंद होने और सीबीएसई से संबद्धता के कारण शिक्षकों की तैनाती का ढांचा भी बदला है। स्कूलों के विलय, बंद होने और विद्यार्थियों की संख्या में बदलाव के चलते कई स्थानों पर शिक्षकों के पदों का समायोजन किया जा रहा है। 

वहीं सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में स्कीम आधारित व्यवस्था के तहत करीब पांच हजार शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। अपरिहार्य प्रशासनिक जरूरत को छोड़कर डीओ और अन्य सिफारिशों पर तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।

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