हिमाचल सरकार ने बदली खेल नीति, रितू नेगी को भी एक करोड़; गोल्ड जीतने पर सहायक जिला खेल अधिकारी की नौकरी मिलेगी
हिमाचल सरकार ने खेल नीति में बदलाव किया है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये पुरस्कार।
सहायक जिला खेल अधिकारी के पद पर मिलेगी नौकरी।
रितु नेगी को भी एक करोड़ रुपये की राशि।
राज्य ब्यूरो, शिमला। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश का मान बढ़ाने वाली हिमाचल की बेटियों के लिए प्रदेश सरकार ने पुरस्कार और नौकरी के नियमों में बदलाव किया है। 20वें एशियाई खेलों में कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतने वाली हिमाचल की चारों खिलाड़ियों पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर, भावना ठाकुर और रितू नेगी को अब एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में खेल नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत एशियाई खेलों, कामनवेल्थ, ओलंपिक या अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सहायक जिला खेल अधिकारी के पद पर नौकरी देने का प्रविधान किया गया है।
रितु नेगी का मामला था लंबित
सरकार के इस फैसले से सिरमौर की रितू नेगी को भी एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पहले सरकार ने कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली तीन खिलाड़ियों को ही एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। रितू की शादी हरियाणा में होने के बाद उन्हें पुरस्कार देने का मामला लंबित था।
खिलाड़ी की मांग के बाद अब मंत्रिमंडल ने उन्हें भी पुरस्कार राशि देने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान इसकी घोषणा की।
टीम के बजाय प्रत्येक खिलाड़ी को मिलेगा एक-एक करोड़
खेल नीति में बदलाव का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने पर अब पुरस्कार राशि टीम के सदस्यों में बांटने के बजाय प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे टीम स्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को व्यक्तिगत स्तर पर सम्मानित करने का रास्ता खुलेगा। सरकार पहले ही इन कबड्डी खिलाड़ियों को हिमाचल पुलिस में इंस्पेक्टर रैंक पर नौकरी देने की घोषणा कर चुकी है।
खेल विभाग में नौकरी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि जो खिलाड़ी पुलिस में सेवाएं नहीं देना चाहेंगी, उन्हें खेल विभाग में नौकरी दी जाएगी। अब मंत्रिमंडल ने सहायक जिला खेल अधिकारी के पद पर नियुक्ति का प्रविधान कर इस विकल्प को औपचारिक रूप दे दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक पुरस्कार के साथ सरकारी सेवा में अवसर भी मिलेगा।
