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डिजिटल पंचायतों में हिमाचल का राष्ट्रस्तर पर दबदबा, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 61141 रसीदें अपलोड कर पाया छठा स्थान

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 27 Oct 2026 06:47 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 61,141 रसीदें डिजिटल रूप से फ्रीज करके डिजिटल पंचायतों में राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान प्राप्त किया है।

डिजिटल पंचायत में हिमाचल का दबदबा रहा है। (फोटो एआई से बनाया है)

डिजिटल पंचायत में हिमाचल का दबदबा रहा है। (फोटो एआई से बनाया है)

HighLights

  1. हिमाचल डिजिटल पंचायतों में राष्ट्रीय स्तर पर छठे स्थान पर।

  2. ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 61,141 रसीदें डिजिटल फ्रीज।

  3. लंबित वाउचरों को फ्रीज करने में राज्य दूसरे स्थान पर।

राज्य ब्यूरो, शिमला। डिजिटल पंचायतों की दिशा में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पंचायती राज संस्थाओं की राजस्व एवं अनुदान प्राप्तियों से जुड़ी 61,141 रसीदों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर डिजिटल रूप से फ्रीज कर प्रदेश देशभर में छठे स्थान पर पहुंच गया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान हिमाचल से आगे हैं। 

हालांकि, दूसरी ओर काम पूरा होने के बाद वाउचर फ्रीज करने में देरी प्रदेश के लिए चुनौती बनी हुई है। लंबित वाउचरों के मामले में हिमाचल महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे स्थान पर है।

वित्तीय लेनदेन की निगरानी

केंद्र सरकार ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से राज्यों की पंचायतों की कार्यप्रणाली और वित्तीय लेनदेन की निगरानी कर रही है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और कार्यों के आधार पर पंचायतों की परफार्मेंस ग्रांट निर्धारित करने में मदद मिलेगी। ऐसे में डिजिटल रिकार्ड को समय पर अपडेट करना पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण है।

हिमाचल के 1,43,598 वाउचर दर्ज 

केंद्र सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल में कुल 1,43,598 वाउचर दर्ज हैं। इनमें से 1,34,947 वाउचर फ्रीज किए जा चुके हैं, जबकि 8,651 लंबित हैं। इस तरह कुल वाउचरों में लगभग 93.98 प्रतिशत को फ्रीज किया जा चुका है। इसके बावजूद लंबित वाउचरों की संख्या बताती है कि डिजिटल प्रविष्टि दर्ज करने और उसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में अभी सुधार की गुंजाइश है।

समयबद्ध प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

पंचायतों की वास्तविक कार्यप्रणाली का आकलन केवल पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों से नहीं, बल्कि फील्ड निरीक्षण और धरातल पर हुए कार्यों के आधार पर भी किया जाता है। प्रदेश सरकार ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रियाओं को भी समय रहते पूरा किया जाए।

डिजिटल रिकार्ड में हिमाचल की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति के बीच अब लंबित वाउचरों का निपटारा अहम है। समयबद्ध तरीके से वाउचर फ्रीज होने से न केवल वित्तीय रिकार्ड अधिक पारदर्शी बनेंगे, बल्कि पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन और परफार्मेंस ग्रांट की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

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