हिमाचल सरकार ने युक्तीकरण को दी मंजूरी, PWD में जमे अतिरिक्त अफसरों को दूसरे स्थान पर जाना पड़ेगा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग में युक्तीकरण को मंजूरी दी है, जिसके तहत पसंदीदा स्थानों पर तैनात अतिरिक्त ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
PWD में युक्तीकरण को हिमाचल सरकार की मंजूरी।
अतिरिक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को अन्य स्थानों पर भेजा जाएगा।
NH विंग से सड़कें घटने पर स्टाफ का होगा समायोजन।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) में वर्षों से चली आ रही असंतुलित तैनाती और मनपसंद स्टेशनों पर अधिशेष (सरप्लस) अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे स्थानों पर नौकरी करने के लिए जाना पड़ेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में विभाग के भीतर अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यापक स्तर पर युक्तीकरण (रेशनलाइजेशन) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत किसी भी मंडल, उपमंडल या विंग में स्वीकृत पदों से अधिक तैनात अफसरों व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उन क्षेत्रों में भेजा जाएगा, जहां तकनीकी स्टाफ के अभाव में विकास कार्य ठप पड़े हैं।
कई जिला मुख्यालयों और सुविधाजनक मंडलों में एक ही स्वीकृत पद के विरुद्ध दो से तीन अधिकारी या कर्मचारी संबद्ध (अटैच) थे। इसके उलट स्थिति यह थी कि चंबा, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और शिमला के दूरदराज इलाकों में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के पद महीनों से खाली थे।
नेशनल हाईवे विंग के पास 779 किमी सड़कें
केंद्र सरकार ने लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग से तीन और नेशनल हाईवे वापस लेकर एनएचएआइ को सौंप दिए हैं। उसका परिणाम यह है कि लोक निर्माण के एनएच विंग के पास 779 किमी सड़कों की जिम्मेदारी शेष रह गई है। एक समय तक एनएच विंग के पास दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य उपलब्ध थे, जो अब घटकर 750 करोड़ रुपये रह गए हैं।
एनएचएआई के पास 1244 किलोमीटर
इस समय कुल 25 एनएच की 2592 किमी में से एनएचएआई के पास 1244 किमी, 569 किमी बीआरओ, 779 किमी लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के पास रह गई है। एनएच की घटती संख्या के फलस्वरूप लोक निर्माण एनएच विंग में बैठे अधिकारियों की सेवाएं दूसरे स्थानों पर ली जाएंगी।
