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हिमाचल में 89 दिन से क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षकों को वार्ता का न्यौता, 23 सूत्रीय मांगपत्र रखेगा संघ

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 12:58 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में 89 दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने वार्ता के लिए बुलाया ...और पढ़ें

शिमला में 89 दिन से प्राथमिक शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। जागरण आर्काइव

शिमला में 89 दिन से प्राथमिक शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. 89 दिनों से क्रमिक अनशन पर प्राथमिक शिक्षक।

  2. शिक्षा विभाग ने वार्ता के लिए बुलाया शिक्षकों को।

  3. स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली रद्द करने की मुख्य मांग।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 89 दिनों से मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षकों को आखिरकार विभाग ने वार्ता के लिए बुलाया है। शुक्रवार को निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ अपना 23 सूत्रीय मांगपत्र रखेगा। लंबे समय से आंदोलनरत शिक्षकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हैं। वहीं, मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है। 

स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली का विरोध

बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों के साथ जिला इकाइयों के अध्यक्ष भी शामिल होंगे। संघ की सबसे प्रमुख मांग स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली की अधिसूचना वापस लेना है। 

सरकार ने की कमेटी गठित

राज्य सरकार ने इस मामले के समाधान के लिए कमेटी गठित की है, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। कमेटी सभी संगठनों के सुझाव भी ले चुकी है, लेकिन प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हैं। 

समाधान न हुआ तो विधानसभा तक आंदोलन

संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन विधानसभा तक पहुंचाया जाएगा। शीतकालीन सत्र से पहले प्रदेश के सभी 68 विधायकों को मांगपत्र सौंपने और धर्मशाला में सत्र के दौरान विशाल धरना-प्रदर्शन करने की योजना भी बनाई गई है। बैठक के परिणाम के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। 

11 जुलाई को पैदल न्याय यात्रा से की थी शुरुआत

शिक्षकों का आंदोलन 11 जुलाई को पैदल न्याय यात्रा के शिमला पहुंचने के बाद तेज हुआ था। 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में धरना देने के बाद क्रमिक अनशन शुरू किया गया। दो अक्टूबर से शिक्षक काले बिल्ले लगाकर विरोध जता रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद इनके धरने में पहुंचे थे और आश्वासन दिया था। बावजूद इसके शिक्षक क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली की अधिसूचना वापस लेना।
  • जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति पर लगी रोक हटाना।
  • शिक्षकों का हायर ग्रेड पे बहाल करना।
  • छठे वेतन आयोग और महंगाई भत्ते के बकाये का भुगतान।
  • अंडर-12 खेल गतिविधियां बहाल करना।
  • शिक्षक नेताओं पर दर्ज एफआईआर रद कर जांच बंद करना। 

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