विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल की सुक्खू सरकार का कड़ा फैसला, HPTDC अधिकारियों की सुविधाएं खत्म; 100 रुपये में मिलता था होटल में कमरा

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 08 Jun 2026 05:32 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 08 Jun 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने खर्चों में कटौती को लेकर कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एचपीटीडीसी के अधिकारियों की सुविधाएं खत्म कर दी गई हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सुक्खू सरकार ने खर्च में कटौती को लेकर कड़ा फैसला लिया।

  2. एचपीटीडीसी के अधिकारियों की सुविधाएं खत्म कर दी गई हैं।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने मितव्ययता (आर्थिक सख्ती) की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) में पदाधिकारियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले का सीधा असर निगम के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और निदेशक मंडल के सरकारी व गैर-सरकारी निदेशकों पर पड़ेगा।

पर्यटन विकास निगम प्रबंधन की ओर से सरकार को भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने फाइल पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। तत्काल प्रभाव से मुफ्त में मिलने वाली सभी तरह की सुविधाओं पर रोक लग गई है। 

मिलती थी रियायतें

अब तक इन पदाधिकारियों को निगम के होटलों में ठहरने और खाने-पीने पर विशेष रियायतें मिलती थीं, लेकिन नए निर्णय के अनुसार ये सभी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं। आगे से केवल निगम के कर्मचारियों को ही होटलों में मिलने वाली रियायतें जारी रहेंगी।

100 रुपये में मिल जाता था कमरा

पहले पर्यटन निगम के होटलों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को निगम के होटलों में ठहरने पर मात्र 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना पड़ता था और भोजन पर 50 प्रतिशत की छूट मिलती थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें ठहरने और खाने पर यही 50 प्रतिशत रियायत जारी रहती थी।

जीवनभर के लिए 30 प्रतिशत छूट

इसी तरह, निदेशक मंडल के सरकारी और गैर-सरकारी निदेशकों को बैठकों में भाग लेने के दौरान होटलों में मुफ्त ठहरने और भोजन की सुविधा मिलती थी, साथ ही जीवनभर के लिए 30 प्रतिशत छूट का प्रावधान था। सरकार ने इन सभी सुविधाओं को भी खत्म करने का निर्णय लिया है।

बच्चों की शादी पर भी मिलती थी छूट

इसके अलावा प्रबन्ध निदेशक के बेटे या बेटी की शादी पर दी जाने वाली एक्मोडेशन पर 50 प्रतिशत, खाने पर 40 प्रतिशत तथा परिवहन पर 20 प्रतिशत की छूट को खत्म कर दिया है। सरकारी एवं गैर सरकारी निदेशक को निदेशक मंडल की बैठक आने के लिए निगम के होटलों में मुफ्त ठहरने और खाने की व्यवस्था होती थी तथा जीवन पर्यन्त इन होटलों में ठहरने तथा खाने में 30 प्रतिशत की रियायत दी जाती थी। लेकिन अब सरकार ने इसे बंद कर दिया है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगेगी और निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह फैसला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: अब घर पर नहीं, ऑनलाइन ही आएगा बिजली बिल, तय समय में भुगतान न करने पर कटेगा कनेक्शन; मंडी में व्यवस्था शुरू 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में महिलाओं के लिए पहला नशामुक्ति केंद्र शुरू, CM सुक्खू ने किया लोकार्पण; पुलिस करेगी संचालन