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हिमाचल में 12 हजार महिलाएं नशे की लत का शिकार, सरकार ने खोला पहला महिला नशामुक्ति केंद्र; पुलिस करेगी संचालन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 08 Jun 2026 01:19 PM (IST)Updated: Mon, 08 Jun 2026 06:21 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रचलन के कारण सरकार गंभीर है। युवक ही नहीं अब युवतियां भी नशे के ...और पढ़ें

शिमला में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

शिमला में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

HighLights

  1. नशे के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

  2. प्रदेश का पहला महिला नशा मुक्ति केंद्र खोला गया है।

जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए राज्य का पहला सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ‘नवजीवन’ मशोबरा (शिमला) में स्थापित किया है। नशामुक्त हिमाचल अभियान को मजबूती देते हुए यह पहल की गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इसका लोकार्पण किया। इस केंद्र में नशे से प्रभावित महिलाओं को उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

12 हजार महिलाएं नशे की चपेट में

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार ने अब महिलाओं और युवतियों को भी चपेट में ले लिया है। प्रदेश में करीब 12 हजार महिलाएं व युवतियां नशे की चपेट में हैं। महिलाओं के लिए अलग नशामुक्ति केंद्र न होने से उनके उपचार और पुनर्वास की राह कठिन बनी हुई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से मशोबरा में प्रदेश के पहले ‘नव-जीवन’ महिला नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन करना महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

पुलिस करेगी संचालन

सरकार के अनुसार, केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, जीवन कौशल विकास, पारिवारिक सहयोग और दीर्घकालिक पुनर्वास कार्यक्रम चलाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश पुलिस इसके संचालन और दैनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी।

नशा की समस्या सामाजिक चिंता : सीएम

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का मुद्दा है, जिसके समाधान के लिए संवेदनशीलता और पुनर्वास आधारित दृष्टिकोण जरूरी है।

कार्रवाई ही नहीं, उपचार और पुनर्वास भी जरूरी : डीजीपी

पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों पर कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास उपलब्ध करवाना भी उतना ही आवश्यक है। सरकार का मानना है कि ‘नवजीवन’ केंद्र नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त हिमाचल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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