हिमाचल प्रदेश की 3758 पंचायतों में 2 अक्टूबर को होगी विशेष ग्राम सभा, विभाग ने एजेंडा तय किया
हिमाचल प्रदेश की सभी 3,758 पंचायतों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित होगी, जिससे 'रिफार्म उत्सव' की शुरुआत होगी। इन सभाओं में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा होगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
2 अक्टूबर को हिमाचल की 3758 पंचायतों में विशेष ग्राम सभा।
'रिफार्म उत्सव' का शुभारंभ, स्वच्छता और विकास पर चर्चा।
नशा मुक्ति, जीपीडीपी व स्थानीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श।
राज्य ब्यूरो, शिमला। महात्मा गांधी जयंती पर दो अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश की सभी 3,758 पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित होगी। रिफार्म उत्सव की शुरूआत होगी। तीन माह तक रिफार्म उत्सव का आयोजन होगा, जिसमें अलग-अलग गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। पंचायतों में स्वच्छता, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), नशा मुक्ति और गांव से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ग्रामीणों के साथ चर्चा की जाएगी।
पंचायती राज विभाग ने विशेष ग्राम सभा के आयोजन को लेकर एजेंडा जारी कर दिया है और संबंधित अधिकारियों को ग्राम सभाओं में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
तैयार होगा रिकॉर्ड
विभाग ने पंचायत सचिवों और संबंधित अधिकारियों को ग्राम सभा की सूचना समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने तथा बैठक में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक की कार्यवाही और लिए गए निर्णयों का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा।
स्वच्छता सहित विकास का प्लान बनेगा
ग्राम सभा में गांव में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, खुले में कचरा फेंकने की समस्या, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर चर्चा होगी। पंचायत स्तर पर स्वच्छता को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के साथ आगे की कार्ययोजना पर भी मंथन होगा। गांव का विकास प्लान भी बनेगा।
ग्रामीण दे सकेंगे सुझाव
रिफार्म उत्सव के तहत 2015 से संचालित योजनाओं के तहत किए गए कार्यों को लेकर चर्चा होगी। विशेष ग्राम सभा में पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा प्रमुख एजेंडे में शामिल है। ग्रामीण अपनी जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए सुझाव दे सकेंगे। पेयजल, सड़क, नालियां, सामुदायिक परिसंपत्तियां, रोजगार और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े कार्यों को पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल करने पर विचार होगा।
पंचायती राज विभाग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को ग्राम सभाओं में उपस्थित रहने और पंचायतों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी स्थानीय समस्याएं सीधे संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
नशे के खिलाफ गांव में बनेगी रणनीति
नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्राम सभा में नशा मुक्ति और नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा होगी। पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय कर जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
