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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Pradesh News: शिमला में ओलावृष्टि से थमी वाहनों की रफ्तार, हाईकोर्ट के पास फिसली गाड़ी

By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
Published: Wed, 22 Feb 2023 09:15 AM (IST)

Himachal Pradesh News राजधानी शिमला में दोपहर तीन बजे शुरू हुई ओलावृष्टि से शहर में सफेद चादर बिछ गई। दोपहर ...और पढ़ें

राजधानी शिमला में दोपहर तीन बजे शुरू हुई ओलावृष्टि।
राजधानी शिमला में दोपहर तीन बजे शुरू हुई ओलावृष्टि।

शिमला, जागरण संवाददाता। राजधानी शिमला में दोपहर तीन बजे शुरू हुई ओलावृष्टि से शहर में सफेद चादर बिछ गई। दोपहर बाद मौसम बदला और करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इसके बाद रिज व मालरोड ओलावृष्टि से सफेद हो गए। अचानक हुई ओलावृष्टि से लोगों को परेशान भी होना पड़ा।

इससे ढली-संजौली बाईपास साढ़े तीन बजे तक कुछ समय के लिए बंद हो गया। यहां पर गाड़ियां फिसल रही थीं जिसके चलते ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

सड़क हादसों का डर

नगर निगम ने अपना रोबोट भेजा, जिसके बाद सड़क पर यातायात व्यवस्था सुचारू की गई। प्रदेश उच्च न्यायालय के पास बोलेरो गाड़ी स्किड हो गई। यहां पर सड़क ओलावृष्टि से भर गई थी। इससे गाड़ी बीच सड़क में फिसल कर दूसरी तरफ मुड़ गई। इसके चलते यह मार्ग कुछ समय के लिए बंद रहा।

चेतावनी जारी

शिमला पुलिस ने ओलावृष्टि गिरने के बाद अपने फेसबुक पेज पर अलर्ट जारी किया। लोगों से आग्रह किया गया है कि शहर में सड़कों पर आलोवृष्टि के कारण गाड़ी चलाते वक्त सावधानी बरतें। शिमला में कुछ दिन से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। मंगलवार को ओलावृष्टि होने के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

एक बार फिर बढ़ी ठंड

शहर में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। हालांकि इससे पहले तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी महसूस की जा रही थी। शहर में पर्यटक टीशर्ट पहने दिखने शुरू हो गए थे। वहीं ऊपरी शिमला में वर्षा हुई है। बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक देसराज शर्मा का कहना है कि वर्षा गुठलीदार पौधों की फ्लारविंग के लिए फायदेमंद है। यदि यहां पर ओलावृष्टि होती है तो बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ठियोग के घूंड में ओलावृष्टि से गुठलीदार पौधों के फूल झड़े

ठियोग के घूंड में ओलावृष्टि से गुठलीदार पौधों में आए फूल झड़ने से नुकसान पहुंचा है। गुठलीदार पौधों प्लम, बदाम सहित अन्य फलों के पौधों के फूल झड़ने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। यहां पर ताममान में बढ़ोतरी के बाद पौधों पर पहले ही फूल आ गए थे।