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हिमाचल में लॉटरी शुरू करने में अड़चन, पंजाब और बंगाल की कंपनियों ने उठाए सवाल; दिवाली के बाद ही होगी शुरुआत

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 14 Oct 2026 06:44 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में लॉटरी की शुरुआत अब दीपावली के बाद होगी, ई-टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण सालाना 50 करोड़ रुपये की संभावित आय प्रभावित हो रही है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हिमाचल में लॉटरी अब दीपावली के बाद होगी शुरू।

  2. ई-टेंडर प्रक्रिया में देरी से राजस्व प्रभावित हुआ।

  3. राजस्व बढ़ाने को 1999 के प्रतिबंध के बाद फिर शुरू।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी से सरकारी खजाने की कमाई दिवाली के बाद ही शुरू हो पाएगी। राज्य लॉटरी विभाग की ई-टेंडर प्रक्रिया में देरी से सालाना करीब 50 करोड़ रुपये की संभावित आय प्रभावित हो रही है। विभाग ने तीन सितंबर को ई-टेंडर जारी किया था और तकनीकी निविदाएं 15 सितंबर को खुलनी थीं। 

हालांकि, सबसे आगे रहीं पंजाब और बंगाल की एक-एक कंपनी ने प्रस्तावित प्रविधानों पर सवाल उठाए हैं। विभाग अब तीन से चार दिन में संशोधित दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करेगा।

अब दिवाली के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया

पहले योजना थी कि चयनित कंपनी को 30 दिन के भीतर लॉटरी शुरू करने के लिए अधिकृत पत्र जारी किया जाएगा। अब यह प्रक्रिया दीपावली के बाद ही आगे बढ़ेगी। 

एक ही एजेंट अधिकृत करने की योजना

प्रदेशभर के लिए एक ही लॉटरी एजेंट अधिकृत करने की योजना है। सालाना लाइसेंस फीस 10 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा 30 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी और छह करोड़ रुपये चुकाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

साल में तीन बंपर ड्रॉ

लॉटरी में प्रतिदिन अधिकतम 12 डेली ड्रा और साल में तीन बंपर ड्रा होंगे। ये दीपावली, लोहड़ी और दशहरा पर निकाले जाएंगे। सरकार के प्रारूप में सिंगल डिजिट-डेली लाटरी का प्रविधान नहीं है।

1999 में प्रतिबंध, अब राजस्व बढ़ाने की पहल

हिमाचल में वर्ष 1999 में तत्कालीन धूमल सरकार ने लाटरी नियमन अधिनियम-1998 की धारा सात, आठ और नौ के तहत सभी लाटरियों पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय चिंता थी कि अधिक कमाई की उम्मीद में लोग कर्ज में डूब रहे थे और वेतन के साथ घर की संपत्ति भी गंवा रहे थे। राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के उद्देश्य से अब लाटरी दोबारा शुरू करने की पहल की गई है। संसाधन सर्जन कमेटी ने इसका सुझाव दिया था, जिसके अध्यक्ष मुकेश अग्निहोत्री हैं। कमेटी की सिफारिश पर 31 जुलाई, 2025 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के प्रस्ताव पर लाटरी फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए केरलम, पंजाब और सिक्किम के माडल का अध्ययन भी किया गया।

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