हिमाचल सरकार का हजारों कर्मचारियों को झटका, अनुबंधित व अस्थायी को नहीं मिलेगा वेतन संरक्षण का लाभ
हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने वेतन संरक्षण के नए कड़े नियम जारी किए हैं। अब केवल नियमित से नियमित ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
वित्त विभाग ने वेतन संरक्षण के नए कड़े नियम जारी किए।
लाभ केवल नियमित से नियमित सीधी भर्ती पर मिलेगा।
अनुबंध व अस्थायी कर्मचारियों को वेतन संरक्षण नहीं मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने सीधी भर्ती के जरिए एक पद से दूसरे पद पर जाने वाले कर्मचारियों के पे प्रोटेक्शन यानी वेतन संरक्षण को लेकर नया और कड़ा स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है। इसके तहत अब वेतन संरक्षण का लाभ केवल रेगुलर टू रेगुलर सीधी भर्ती पर उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो पिछले पद पर नियमित मौर पर तैनात थे और सीधी भर्ती के माध्यम से नए पद पर भी नियमित आधार पर नियुक्त हुए।
यह स्पष्ट किया गया है कि यदि ये दोनों शर्तें (पिछला और नया पद दोनों नियमित हों) पूरी नहीं होती हैं, तो किसी भी अन्य स्थिति में पे प्रोटेक्शन का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हजारों कर्मियों को झटका
इससे उन हजारों कर्मचारियों को करारा झटका लगा है जो पहले आउटसोर्स, अनुबंध या अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे थे और बाद में सीधी भर्ती के जरिये किसी नए पद पर नियमित हुए हैं। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या पड़ेगा प्रभाव
जो कर्मचारी सालों तक अनुबंध या अस्थायी आधार पर कम वेतन में काम करने के बाद सीधी भर्ती से नियमित पदों पर चयनित हुए हैं, उन्हें अपनी पिछली सेवा का वित्तीय लाभ या वेतन संरक्षण नहीं मिलेगा।उन्हें नए पद के न्यूनतम पे-स्केल से ही शुरुआत करनी होगी।आर्थिक तंगी से जूझ रही राज्य सरकार के लिए यह निर्णय वित्तीय बोझ को कम करने का एक जरिया बनेगा, क्योंकि अब चुनिंदा मामलों में ही उच्च वेतन सरंक्षित किया जाएगा।नई भर्ती में नियमित आधार पर नियुक्ति नहीं हो रही है।
