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'हिमाचल शिक्षा विभाग में 1000 JOA और क्लर्क पद भरे जाएं', गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने रखा 12 सूत्रीय मांगपत्र

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 06:38 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण बढ़ रहे काम के बोझ ...और पढ़ें

शिमला में गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी अधिकारियों से बैठक के दौरान।

शिमला में गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी अधिकारियों से बैठक के दौरान।

HighLights

  1. शिक्षा विभाग में 1000 JOA (IT) व लिपिक पद भरने की मांग।

  2. गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने 12 सूत्रीय मांगपत्र निदेशक को सौंपा।

  3. कर्मचारियों की कमी से बढ़ रहे कार्यभार पर चिंता जताई गई।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण बढ़ रहे काम के बोझ के बीच गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने करीब 1000 रिक्त जेओए (आइटी) व लिपिक पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई है। महासंघ का कहना है कि सीबीएसई स्कूलों के साथ खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालयों और अन्य कार्यालयों में भी मिनिस्ट्रियल स्टाफ की कमी है। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ की बैठक शनिवार को स्कूल शिक्षा निदेशालय के सभागार में हुई। इसमें प्रदेशभर से जिला प्रधान, महासचिव और 70 से अधिक पदाधिकारियों ने भाग लिया। 

निदेशक से उठाए मामले

दोपहर बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, अतिरिक्त निदेशक बाबूराम शर्मा, जीवन नेगी व योगेश चौहान के साथ बैठक कर कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे उठाए।

12 सूत्रीय मांगपत्र रखा

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने 12 सूत्रीय मांगपत्र निदेशक के समक्ष रखा।  महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर से आए जिला प्रधानों एवं महासचिवों व राज्य कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को मजबूती से निदेशक स्कूल शिक्षा के समक्ष रखा है।

बैठक में कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विचार-विमर्श हुआ और विभाग की ओर से इन विषयों पर उचित स्तर पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा विभाग के गैर शिक्षक कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे तथा इससे प्रदेशभर में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

इन मांगों पर हुई चर्चा

  • सीबीएसई संबंद्ध स्कूलों में वरिष्ठ सहायकों से पदोन्नति/पदों के उन्नयन द्वारा अधीक्षक ग्रेड-I के पद सृजित किए जाएं।
  • खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालयों के स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा कर प्रत्येक बीइइ कार्यालय में अधीक्षक ग्रेड-1, अधीक्षक ग्रेड-2, वरिष्ठ सहायक तथा लिपिक/जेओए (आइटी) के आवश्यक पद निर्धारित किए जाएं।
  • स्कूल शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय, एससीइआरटी, समग्र शिक्षा आदि कार्यालयों में वरिष्ठ सहायकों से पदोन्नति द्वारा 20 अधीक्षक ग्रेड-1 के पद सृजित किए जाएं।
  • प्रदेश में स्थापित किए जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों में आवश्यक मंत्रालयिक स्टाफ के पद सृजित किए जाएं।
  • सीबीएसई विद्यालयों में बढ़ते कार्यभार को देखते हुए आवश्यक मंत्रालयिक पद सृजित कर शीघ्र भरे जाएं।
  • सहायक अधिकारी (एओ) के पद को भरने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आवश्यक संशोधन कर ईओ अधीक्षक ग्रेड-1 एवं अधीक्षक ग्रेड-2 की संयुक्त 5 वर्ष की सेवा को पात्रता में शामिल किया जाए।
  • न्यायालयीन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए 3 वरिष्ठ विधि अधिकारी तथा जिलों के लिए 8 विधि अधिकारी के पद सृजित किए जाएं।
  • प्रत्येक बीइइ कार्यालय में चौकीदार का पद सृजित किया जाए।
  • प्रत्येक बीइइ कार्यालय में पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर का पद सृजित किया जाए।
  • शिक्षा विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए तथा नीति बनने तक उन्हें स्थायी कर्मचारियों के अनुरूप सम्मानजनक वेतनमान प्रदान किया जाए।

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