Himachal Weather: हिमाचल में मानसून के कहर में 187 लोगों की गई जान, अभी राहत नहीं देगी बरसात; भारी वर्षा का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है, जिसमें अब तक 187 लोगों की जान जा चुकी है और ₹973 ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का अलर्ट है। जागरण आर्काइव
HighLights
मानसून से 187 लोगों की मौत, ₹973 करोड़ का नुकसान।
17-18 अगस्त को भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी।
110 सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति भी बाधित।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुमान अनुसार 17 अगस्त को प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है। 18 अगस्त को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। सात जिलों कांगड़ा, मंडी, ऊना, कुल्लू, सोलन, सिरमौर और शिमला के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 से 22 अगस्त तक राज्य में कई स्थानों पर रुक रुककर भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन की सलाह है कि नदी-नालों के पास न जाएं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें।
मंडी के कटौला में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मंडी जिले के कटौला में सबसे अधिक 74.4 मिलीमीटर, चंबा के जोत में 52.6 और धर्मशाला में 30.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 11.4 डिग्री और सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 35.2 डिग्री दर्ज किया गया।
बिजली-पानी और सड़क पर पड़ा बुरा असर
वर्षा और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 17 अगस्त सुबह 10 बजे तक के प्रदेशभर में 110 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं, जिनमें सबसे अधिक सड़कें मंडी 39 और कुल्लू में 33 बाधित हैं। बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए 91 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं, जिनमें अकेले मंडी में 28 और सिरमौर में 41 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
राज्य भर में 217 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिसमें मंडी जिला में 209 योजनाएं बाधित हैं।
187 लोगों की गई जान, एक लापता
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में वर्षा, भूस्खलन और बादलों के फटने से राज्य को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। राजस्व विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस मानसून सीजन 30 जून से 16 अगस्त तक प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों के कारण कुल 187 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 294 लोग घायल हुए हैं और 1 व्यक्ति अभी भी लापता है।
973 करोड़ का नुकसान
प्रदेश को अब तक लगभग 973.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा लोक निर्माण विभाग को 733.95 करोड़ रुपये और जल शक्ति विभाग 216.40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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