हिमाचल में GST कानून में बड़ा संशोधन, हजारों कारोबारियों को मिलेगी छूट और रिफंड में राहत
हिमाचल सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन किया है, जिससे हजारों कारोबारियों को छूट और रिफंड से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी।

हिमाचल में GST कानून में बड़ा संशोधन (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
हिमाचल सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन किया
हजारों कारोबारियों को छूट और रिफंड में राहत मिलेगी
धारा 15, 34, 54 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए
जागरण संवाददाता, शिमला। राज्य सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन किया है। राज्यपाल की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।
इस संशोधन के तहत जीएसटी अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं में बदलाव किए हैं। इससे हजारों कारोबारियों को छूट और रिफंड से जुड़े मामलों में राहत मिलने का रास्ता साफ होगा।
संशोधन के तहत जीएसटी अधिनियम की धारा 15 में बदलाव किया है। अब किसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति पूरी होने के बाद भी संबंधित शर्तें पूरी होने पर छूट दी जा सकेगी।
इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस करना होगा
इसके लिए आपूर्तिकर्ता को क्रेडिट नोट जारी करना होगा और संबंधित खरीदार को उस छूट के अनुपात में पहले लिया इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस करना होगा। यह प्रक्रिया धारा 34 के प्रविधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।
इसके अलावा धारा 34 में भी संशोधन किया है। इसके तहत आपूर्ति के बाद दी जाने वाली छूट के मामलों में भी क्रेडिट नोट जारी करने का प्रविधान जोड़ा है।
धारा 54 में किए संशोधन के तहत रिफंड से जुड़े प्रविधानों का दायरा बढ़ाया है। इसमें निर्धारित शर्तों के तहत अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड को भी शामिल किया है।
वहीं, भारत से कर का भुगतान करके निर्यात किए सामान के रिफंड दावों को धारा 54 की उपधारा (14) में किए गए बदलाव के तहत अलग रखा है।
अधिनियम के अनुसार, इसके प्रविधान सरकार की ओर से राजपत्र में अधिसूचना जारी कर निर्धारित की तारीख से लागू होंगे। यानी राज्यपाल की मंजूरी और राजपत्र में प्रकाशन के बावजूद लागू होने की तारीख अलग से अधिसूचित की जाएगी।