शिमला, जेएनएन। जिला शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मतियाना में प्रैक्टिकल के दौरान हुए हादसे पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने संज्ञान लिया है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग और उपायुक्‍त शिमला को आदेश दिए हैं कि हादसे में घायल विद्यार्थियों के उपचार में जो भी खर्च आएगा वह सरकार वहन करेगी। सुरेश भारद्वाज ने रात को पीजीआइ के निदेशक डॉक्‍टर जगत राम से भी बात की थी। डॉक्‍टर की रिपोर्ट के अनुसार मुकुल का ऑपरेशन हो गया है और उसकी आंख भी ठीक है। अजीत का इलाज चल रहा है। सुरेश भारद्वाज ने बच्चों के अभिभावकों को टेलीफोन कॉल कर बच्चों के कुशल मंगल की कामना करते हुए जल्द स्वस्थ होने की उम्‍मीद जताई है।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला के आइजीएमसी से बंटी और अंकिता को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्री ने कहा हिमाचल में परीक्षाओं का दौर शुरू हो रहा है, ऐसे में वह बच्‍चों के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना करते हैं।

बीते कल यानी सोमवार को प्रैक्टिकल के दौरान अचानक लैब में ब्‍लास्‍ट हो गया था, इस कारण चार बच्‍चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बच्‍चों को गंभीर हालत में अस्‍पताल ले जाया गया था। दो बच्‍चों को आइजीएमसी में उपचाराधीन किया गया था, जबकि दो बच्‍चों की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्‍सकों ने पीजीआइ चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया था। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बच्‍चों को कुशलक्षेम पूछने के साथ साथ इलाज सरकार की ओर से करने की बात कही है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद बच्‍चों के अभिभावक बुरी तरह सहम गए थे। जैसे ही सूचना मिली वे फौरन स्‍कूल की और दौड़ पड़े। लेकिन गनीमत यह है कि बच्‍चों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। मुकुल और अजीत की तबीयत में सुधार आने में थोड़ा समय लग सकता है।

Posted By: Rajesh Sharma

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