हिमाचल के किसानों के लिए अहम खबर, एग्रीस्टैक में पंजीकरण नहीं तो सभी योजनाओं के लाभ होंगे बंद
हिमाचल प्रदेश के किसानों को अब सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक से जुड़ना अनिवार्य होगा। सरकार ...और पढ़ें

किसानों ने एग्रीस्टैक में पंजीकरण न करवाया तो योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सरकारी योजनाओं के लाभ हेतु एग्रीस्टैक पंजीकरण अनिवार्य।
किसानों की भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड और विशिष्ट आईडी।
विंड्स योजना से स्थानीय मौसम की सटीक जानकारी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के किसानों को अब सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक से जुड़ना होगा। सरकार ने प्रदेश के सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टैक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। जिस किसान का एग्रीस्टैक में पंजीकरण नहीं होगा उसे किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
शनिवार को कृषि विभाग के सचिव सी पाल रासु की अध्यक्षता में एग्रीस्टैक की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अधिकारियों को पात्र किसानों का शत प्रतिशत पंजीकरण करवाने के आदेश दिए गए। अधिकारियों को किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और उन्हें एग्रीस्टैक के महत्व की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
सब्सिडी योजना लाभ तभी मिलेगा
एग्रीस्टैक और डिजिटल क्राप सर्वे की समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया गया कि किसानों को खाद वितरण, सब्सिडी और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा। एग्रीस्टैक के तहत किसान की जमीन के प्रत्येक भू-खंड का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उसे किसान की पहचान से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक किसान को विशिष्ट किसान आइडी दी जा रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना उद्देश्य
इसका उद्देश्य किसानों और उनकी जमीन का एकीकृत डिजिटल रिकार्ड तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचाया जा सके। बैठक में डिजिटल क्राप सर्वे के साथ-साथ विंड्स योजना की भी समीक्षा की गई।
इसके तहत प्रदेश की पंचायतों में स्वचालित वर्षा मापी यंत्र और मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।
हिमाचल में एग्रीस्टैक और फसल सर्वेक्षण की ताजा स्थिति
- पीएम किसान के लिए आवेदन करने वाले 10,37,206
- एग्रीस्टैक पर पंजीकृत किसान: 6,12,027
- कुल कवरेज: 59.05 प्रतिशत
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