हिमाचल में एक्सपायरी फ्लेवर और कलर से बन रही थी शराब, FSSAI ने 16 साल पुरानी कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड किया
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नारग में स्थित मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज ...और पढ़ें

एफएसएसएआई ने सिरमौर की शराब निर्माता कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड किया है।
HighLights
FSSAI ने नारग की शराब फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित किया।
एक्सपायर्ड फ्लेवर्स और कृत्रिम रंगों का उपयोग पाया गया।
अस्वच्छ उत्पादन वातावरण और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के नारग में चल रही एक शराब बनाने वाली फैक्टरी पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन को लेकर एफएसएसएआई की जांच टीम ने डिस्टिलरी परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गंभीर खामियां सामने आने के बाद कंपनी का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। एफएसएसएआई ने नारग स्थित 16 साल पुरानी मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड पर ये कार्रवाई की है।
एक्सपायर हो चुके फ्लेवर्स और कृत्रिम रंगों का उपयोग
एफएसएसएआई ने औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े 5 अत्यंत गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। जांच में मादक पेय पदार्थों (वोदका और व्हिस्की) के निर्माण में एक्सपायर हो चुके फ्लेवर्स और कृत्रिम रंगों का उपयोग पाया गया, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। उत्पादन वातावरण भी बेहद अस्वच्छ दर्ज किया गया, जहां ब्लेंडेड टैंक खुले थे, बोतलें साफ करने वाले रिंसर पर ग्रीस और धूल जमी थी, तथा बिना किसी 'ग्लास पॉलिसी' के कांच के टूटे टुकड़े बिखरे हुए थे।
वैधानिक बदलाव भी नहीं किए लागू
इसके अलावा, कंपनी ने सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के नोटिस के बावजूद अपने लिकर प्रॉडक्ट्स के लेबल पर अनिवार्य वैधानिक बदलाव लागू नहीं किए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। संयंत्र का बुनियादी ढांचा भी जर्जर स्थिति में था, जहां खराब दरवाजों की फिटिंग, अपर्याप्त रोशनी, दीवारों से उखड़ते पेंट, अस्वास्थ्यकर पैकिंग, पेस्ट कंट्रोल के अभाव और फूड हैंडलर्स की व्यक्तिगत स्वच्छता में भारी कमी जैसी समस्याएं पाई गईं।
साथ ही, कर्मचारियों के मेडिकल और टीकाकरण रिकॉर्ड अनुपलब्ध थे और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, कस्टमर कंप्लेंट हैंडलिंग व फूड सेफ्टी सिस्टम ऑडिट से जुड़े वैधानिक दस्तावेज भी अधूरे पाए गए।
सख्त हिदायत दी
निलंबन आदेश जारी करने के साथ ही प्राधिकरण ने डिस्टिलरी प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है कि वे सस्पेंशन अवधि के दौरान अपनी सभी खाद्य और पेय उत्पादन गतिविधियों को तुरंत रोक दें। इसके साथ ही कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर निरीक्षण में पाई गई सभी तकनीकी, संरचनात्मक और स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। जब तक ये मानक पूरे नहीं होते, तब तक उत्पादन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
शराब उत्पादन की नामी फर्म
सिरमौर जिले के नारग में स्थापित मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड शराब निर्माण एवं पेय पदार्थ क्षेत्र की एक प्रमुख इकाई है। यह कंपनी मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाले लिकर उत्पादों के निर्माण और बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) मार्केट में औद्योगिक अल्कोहल की आपूर्ति के लिए जानी जाती है। व्यावसायिक पेय पदार्थों के अलावा, यह शराब निर्माता कंपनी बड़े पैमाने पर औद्योगिक अल्कोहल का निर्माण और वितरण भी करती है।
कंपनी के औद्योगिक अल्कोहल पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से विकृत इथेनॉल, एथिल अल्कोहल और परिशोधित स्पिरिट शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की आपूर्ति औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में की जाती है।
एक्स हैंडल पर दी जानकारी
फिलहाल एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मामले की जानकारी सार्वजनिक की है। उधर मामले की पुष्टि को लेकर सिरमौर के संबंधित अधिकारियों से बात की गई, लेकिन किसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
