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हिमाचल के 5500 राशन डिपो में नई ई-पाश मशीनों का ट्रायल शुरू, अब स्टॉक भी डिजिटल रूप से दर्ज रहेगा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 13 Sep 2026 01:00 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के 5500 राशन डिपो में नई ई-पाश मशीनों का परीक्षण शुरू हो गया है, जिससे राशन वितरण व्यवस्था और सुगम होगी। इन मशीनों से तकनीकी दिक्कतें कम होंगी।

हिमाचल प्रदेश के राशन डिपो में ई-पॉश मशीनों का ट्रायल शुरू हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश के राशन डिपो में ई-पॉश मशीनों का ट्रायल शुरू हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. 5500 राशन डिपो में नई ई-पाश मशीनों का परीक्षण आरंभ।

  2. तकनीकी समस्याओं को कम कर वितरण व्यवस्था को सुगम बनाएगा।

  3. डिपो में राशन स्टॉक की वास्तविक समय जानकारी मिलेगी।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानों (डिपो) में राशन वितरण व्यवस्था को और सुगम बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 5,500 उचित मूल्य की दुकानों के लिए नई और उन्नत ई-पाश मशीनों की परीक्षण प्रक्रिया आरंभ कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का दावा है कि तकनीकी कंपनी के साथ मिलकर इन मशीनों का ट्रायल किया जा रहा है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसी माह अंतिम निविदा आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है।

डिपो में उपलब्ध भंडार की भी मिलेगी जानकारी

विभाग की मौजूदा व्यवस्था में राशन कार्डधारकों का सत्यापन आधार आधारित बायोमीट्रिक प्रणाली के माध्यम से ई-पाश मशीन पर किया जाता है। विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लाभार्थी को सही मात्रा में राशन उपलब्ध करवाना, वितरण लेनदेन को स्वचालित करना और डिपुओं में उपलब्ध भंडार की वास्तविक समय में जानकारी रखना है।

तकनीकी परेशानियों को कम करने का प्रयास

नई ई-पाश मशीनों का उद्देश्य वर्तमान व्यवस्था में सामने आने वाली तकनीकी परेशानियों को कम करना है। विशेषकर सर्वर से संपर्क स्थापित न होने, अंगुली के निशान का सत्यापन न होने व नेटवर्क से संबंधित दिक्कतों के कारण कई बार उपभोक्ताओं को राशन लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है।

जून 2026 में आधार प्रमाणीकरण सेवा में तकनीकी व्यवधान के कारण विभाग को राशन वितरण जारी रखने के लिए अस्थायी रूप से क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी आरंभ करनी पड़ी थी।

पहले ई-पाश मशीनों से यह थी व्यवस्था

  • आधार आधारित अंगुली के निशान से लाभार्थी का सत्यापन।
  • सर्वर या नेटवर्क में दिक्कत होने पर राशन वितरण प्रभावित।
  • अंगुली का निशान न मिलने पर उपभोक्ता को परेशानी।
  • ई-पाश मशीन और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन के माध्यम से वितरण।

अब नई ई-पाश मशीनों से यह होगा लाभ

  • बेहतर नेटवर्क से सर्वर से संबंधित परेशानी कम होने की उम्मीद।
  • लाभार्थी का सत्यापन तेजी से होगा।
  • अंगुली के निशान के अलावा अन्य पहचान तकनीकों को जोड़ने की सुविधा।
  • इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से बेहतर समन्वय।
  • राशन वितरण का लेनदेन डिजिटल रूप से दर्ज रहेगा।
  • पात्र लाभार्थी को सही मात्रा में राशन देने की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी।
  • विभाग को डिपो में राशन के भंडार और वितरण की वास्तविक समय में जानकारी मिलेगी।

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