श्रीनयना देवी की रसोई में पहुंचे SDM, पुजारी का आरोप- अधिकारी ने परंपरा भंग की; पुलिस में दी शिकायत
पुजारी अभिषेक शर्मा ने बिलासपुर के श्रीनयनादेवी मंदिर की माता की रसोई में एसडीएम धर्मपाल पर परंपरा तोड़ने का आरोप ...और पढ़ें

श्रीनयना देवी मंदिर की रसोई में अधिकारी के घुसने पर विवाद हो गया है।
HighLights
पुजारी ने एसडीएम पर माता की रसोई में परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया।
एसडीएम धर्मपाल ने आरोपों को निराधार बताते हुए निरीक्षण की बात कही।
नयनादेवी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज, मामले में कार्रवाई जारी है।
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित शक्तिपीठ श्रीनयनादेवी मंदिर के पुजारी अभिषेक शर्मा ने मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल पर माता की रसोई में परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया है। इस संबंध में नयनादेवी पुलिस चौकी में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
रसोई की धार्मिक मर्यादा और परंपरा भंग हुई
पुलिस को दी शिकायत में अभिषेक ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को दोपहर के समय माता का भोग तैयार किया जा रहा था। इस दौरान एसडीएम माता की रसोई में प्रवेश कर गए और माता की आरती के लिए तैयार किए जा रहे भोग के बर्तनों को उठाया, जिससे रसोई की धार्मिक मर्यादा और परंपरा भंग हुई है।
बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की नहीं होती अनुमति
उन्होंने कहा कि माता की रसोई में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं होती है। यहां माता के लिए दिन में पांच बार भोग तैयार किया जाता है। भोग तैयार करने के लिए बाकायदा रसोइया तैनात किया गया है। रसोइया स्नान करने के बाद निर्धारित धार्मिक विधि के अनुसार धोती पहनकर रसोई में प्रवेश करता है और भोग तैयार करता है, जबकि एसडीएम पेंट-शर्ट में अंदर आ गए थे। जब उन्होंने संबंधित अधिकारी से इसके बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण कर रहे थे।
मामला दर्ज करने की मांग
पुजारी अभिषेक शर्मा ने पुलिस से मांग की है कि धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने के आरोप में संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
आरोप निराधार : एसडीएम
एसडीएम धर्मपाल ने कहा कि आरोप निराधार हैं। संबंधित व्यक्ति की उस समय मंदिर में ड्यूटी नहीं थी और न ही वह मुख्य पुजारी था। बावजूद इसके वह अनधिकृत रूप से वहां गया था। जब उसे रोका गया तो उसने इस प्रकार के आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से किसी भी धार्मिक परंपरा को नहीं तोड़ा गया है। जिस समय की शिकायतकर्ता बात कर रहे हैं, उस समय वह निरीक्षण कर रहे थे।
