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हिमाचल में हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकार ने नियमितीकरण के नियम बदले; अब नहीं होगा 6 माह का नुकसान

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 30 Sep 2026 05:13 PM (IST)Updated: Wed, 30 Sep 2026 05:52 PM (IST)

हिमाचल सरकार ने हजारों कर्मचारियों को नियमितीकरण के नियमों में बदलाव कर बड़ी राहत दी है। अब मार्च या सितंबर ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हजारों कर्मचारियों को नियमितीकरण नियमों में मिली बड़ी राहत।

  2. अब कटऑफ में 6 महीने का नुकसान नहीं होगा।

  3. वित्तीय लाभ वास्तविक ज्वाइनिंग की तारीख से मिलेंगे।

राज्य ब्यूरो, शिमला। नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों को हिमाचल सरकार ने राहत दी है। मार्च और सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति प्रस्ताव पाने और क्रमश: पहली अप्रैल व पहली अक्टूबर को ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों को अब नियमितीकरण की कटआफ में छह महीने का नुकसान नहीं होगा। कार्मिक विभाग के सचिव आशीष सिंहमार ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं और सभी प्रशासनिक सचिवों को इनके कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं।

नहीं होगा नुकसान

पहले मार्च के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र जारी होने और पहली अप्रैल को ज्वाइन करने पर नियमितीकरण की कटआफ अप्रैल से मानी जाती थी। इसी तरह सितंबर के अंत में नियुक्ति और पहली अक्टूबर को ज्वाइन करने वालों की कटआफ अक्टूबर से मानी जाती थी। इससे कर्मचारियों को छह महीने का नुकसान होता था।

बीच की अवधि माफ मानी जाएगी

नए नियम के अनुसार मार्च के अंतिम दिनों में नियुक्ति प्रस्ताव जारी होने पर पहली अप्रैल और सितंबर के अंत में प्रस्ताव जारी होने पर पहली अक्टूबर को की गई ज्वाइनिंग के बीच की अवधि कंडोन (माफ) मानी जाएगी। यदि कर्मचारी ने नियुक्ति पत्र में दी गई स्वीकार्य अवधि के भीतर ज्वाइन किया है तो नियमितीकरण के लिए नियुक्ति प्रस्ताव जारी होने की तारीख या मार्च/सितंबर की अंतिम तारीख, जो भी बाद में हो, वही कटआफ मानी जाएगी।

पहले यह छूट केवल बीच की अवधि में छुट्टियां होने पर मिलती थी। अब छुट्टी की शर्त समाप्त कर दी गई है और सीधे कंडोनेशन का प्रावधान किया गया है।

वित्तीय लाभ वास्तविक ज्वाइनिंग से

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कंडोन की गई अवधि का कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। वेतन और भत्ते वास्तविक ज्वाइनिंग की तारीख से ही देय होंगे। यह निर्णय उच्च न्यायालय के सपना कुमारी बनाम हिमाचल सरकार मामले में 22 जुलाई, 2025 को दिए गए निर्णय के आधार पर लिया गया है। पहले निपटाए जा चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

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