हिमाचल में भीड़ से दूर प्रकृति की छांव में बिताएं सुकून के पल, 9 ईको टूरिज्म साइट होंगी आवंटित; 10000 में सदस्यता
हिमाचल में पर्यटकों के लिए भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में सुकून बिताने के लिए नौ ईको टूरिज्म स्थलों ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में ईको टूरिज्म साइट के संचालन के लिए आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
नौ ईको टूरिज्म स्थलों का आवंटन प्रक्रिया में।
'स्नो लेपर्ड' और 'बुरांस' ईको क्लब सदस्यता।
स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, शिमला। देश-विदेश से हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटक शहर की भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की छांव में बैठकर सुकून के पल बिता सकेंगे। प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नौ स्थलों के आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद चरण-पांच के तहत इन स्थलों के आवंटन और बोलीदाताओं की ओर से प्रस्तुत दरों पर बुधवार को सचिवालय में हिमाचल प्रदेश ईको टूरिज्म सोसायटी की कार्यकारी समिति की बैठक में चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान सचिव (वन) एम सुधा देवी ने की।
10 हजार में मिलेगी ईको क्लब सदस्यता
बैठक में ईको टूरिज्म नीति के तहत ईको क्लब सदस्यता की दो श्रेणियां शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया। इसके तहत 20 वर्ष की आजीवन सदस्यता के लिए ‘स्नो लेपर्ड कार्ड’ की कीमत दो लाख रुपये और एक वर्ष की सदस्यता के लिए ‘बुरांस कार्ड’ की कीमत 10 हजार रुपये रखने का प्रस्ताव है।
निश्शुल्क आवास सुविधा
स्नो लेपर्ड कार्ड धारकों को सोसायटी की ओर से संचालित सभी ईको टूरिज्म परिसंपत्तियों में निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन निश्शुल्क आवास सुविधा देने का प्रस्ताव है। हालांकि ये प्रस्ताव हैं और इन पर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश
बैठक में सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के थिरुमल ने विभिन्न एजेंडा प्रस्तुत किए। प्रधान सचिव (वन) एम सुधा देवी ने ईको टूरिज्म गतिविधियों को सुदृढ़ करने और इनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में वन और पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
ये नौ स्थल आवंटन के लिए प्रस्तावित
चरण पांच में शामिल स्थलों में पालमपुर वन मंडल का सौरव वन विहार, धर्मशाला वन मंडल का धौलाधार जैव विविधता पार्क और नरवाणा, शिमला वन मंडल का शाली टिब्बा तथा आनी वन मंडल का जलोड़ी दर्रा शामिल हैं। इनके अलावा डलहौजी वन मंडल का शहीद अशोक कुमार जोट नेचर पार्क, आर-31 बड़ोग, कैंपिंग साइट आर-33 सी-1 गुलहारी-मोटीकुना, स्वर्णिम वाटिका शामलेच नेचर पार्क और कसौली वन मंडल की कैंपिंग साइट आर-55 मशोबरा भी सूची में हैं।
