हिमाचल में मिशन-2027 के लिए 68 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा कांग्रेस नेतृत्व, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे 5 नेता
हिमाचल कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी में सभी 68 सीटों पर जमीनी हकीकत का आकलन करेगी। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल। जागरण आर्काइव
HighLights
कांग्रेस 2027 चुनाव के लिए सभी 68 सीटों पर जाएगी।
कार्यकर्ताओं, विधायकों के कामकाज पर सीधा फीडबैक लेगी पार्टी।
रजनी पाटिल 14 नवंबर को भरमौर से अभियान शुरू करेंगी।
अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत कांग्रेस सभी 68 क्षेत्रों में पहुंचकर चुनावी जमीन का आकलन करेगी। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से सीधे संवाद कर सरकार के कामकाज, संगठन की सक्रियता और विधायकों की जनता के बीच पकड़ का फीडबैक लेगा। इसके आधार पर हर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल 14 नवंबर को चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र से अभियान की शुरुआत करेंगी।
शिमला में हाल में हुई कांग्रेस की समीक्षा बैठक में भी इस अभियान पर चर्चा की गई थी। मिशन रिपीट के लक्ष्य के साथ पार्टी चुनाव से पहले संगठन की जमीनी स्थिति परखना चाहती है।
5 नेताओं को जिम्मेदारी
इसके लिए पांच वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास की जिम्मेदारी दी जाएगी। इनमें प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, सह प्रभारी विदित चौधरी, चेतन चौहान और प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा शामिल हैं। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत कर क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी जुटाएंगे।
सरकार के कामकाज और विधायकों की लोकप्रियता की भी होगी पड़ताल
अभियान के दौरान सरकार के कार्यों पर जनता की प्रतिक्रिया जानने के साथ यह भी आकलन होगा कि सरकारी योजनाओं और फैसलों का लोगों पर कितना प्रभाव है और संगठन आम लोगों से कितना जुड़ा है। कार्यकर्ताओं की शिकायतों, सुझावों और स्थानीय समस्याओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व विधायकों के कामकाज और लोकप्रियता का आकलन करेगा। यह जानने की कोशिश होगी कि विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं और कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों के बीच उनकी कितनी पकड़ है।
जहां हार मिली वहां विशेष ध्यान
जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को लगातार हार मिली है, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन सीटों से भी फीडबैक लिया जाएगा, जहां मौजूदा विधायकों के कामकाज को लेकर असंतोष है या आगामी चुनाव में टिकट बदलने की चर्चा है। इस फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा ने कहा कि कार्यक्रम जल्द शुरू होगा।
