हिमाचल में गांव तक BJP को घेरेगी कांग्रेस, जिलों में पर्यवेक्षक तैनात; ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान की दी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा को घेरना है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष विनय कुमार। जागरण आर्काइव
HighLights
कांग्रेस ने हिमाचल में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान छेड़ा।
मतदाता सूचियों की कथित गड़बड़ियों पर भाजपा को घेरेगी कांग्रेस।
हरीश मीणा समेत तीन पर्यवेक्षक 12 जिलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राज्य ब्यूरो, शिमला। वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक घेराबंदी तेज करने की तैयारी की है। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और उसकी निगरानी के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हरीश मीणा, राव दान सिंह और कमल कांत शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। तीनों नेताओं को प्रदेश के 12 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस का लक्ष्य मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को मुद्दा बनाकर अभियान को जनआंदोलन का रूप देना है। पार्टी राजनीतिक लड़ाई को बूथ स्तर तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत गांवों में जनसंवाद और चौपाल बैठकें कर लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचने, नाम कटने की आशंका और मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यकर्ता पर्चे बांटकर मतदाताओं तक संदेश पहुंचाएंगे।
किस पर्यवेक्षक को कौन से जिले की कमान
हरीश मीणा को चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिलों का पर्यवेक्षक बनाया गया है। कमल कांत शर्मा बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन और लाहुल स्पीति में अभियान की निगरानी करेंगे। राव दान सिंह किन्नौर, शिमला ग्रामीण, शिमला शहरी और सिरमौर में अभियान आगे बढ़ाएंगे। तीनों पर्यवेक्षक इसी सप्ताह जिम्मेदारी संभालकर संगठन के साथ समन्वय करेंगे।
बूथ स्तर पर मतदाता सत्यापन पर जोर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अभियान 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा। चार से 10 नवंबर के बीच बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) और स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए मतदाता सत्यापन होगा। 12 से 30 नवंबर तक गांवों में जनसंवाद बैठकें होंगी। जिला मुख्यालयों में कांग्रेस नेताओं और जिला अध्यक्षों की संयुक्त प्रेस वार्ताएं भी आयोजित की जाएंगी। पहली नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की राष्ट्रीय रैली को भी कांग्रेस अभियान के लिहाज से अहम मान रही है। इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
हिमाचल के पांच नेता भी संभालेंगे अन्य राज्यों की जिम्मेदारी
हिमाचल के छह नेताओं को अन्य राज्यों में अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुलदीप सिंह राठौर, केवल सिंह पठानिया, आरएस बाली, मलेंद्र राजन, मनमोहन कटोच और दीपक राठौर को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
