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हिमाचल की हरियाली और पहाड़ों की रंगत में सजेंगे CBSE स्कूल, भवन से लेकर गेट का रंग और डिजाइन तय

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 17 Sep 2026 06:38 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों को अब एक समान रंग-रूप मिलेगा, जिसमें भवन, प्रवेश द्वार और चारदीवारी ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों का एक ही रंग रहेगा। (फोटो एआई से बनाया गया है)

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों का एक ही रंग रहेगा। (फोटो एआई से बनाया गया है)

HighLights

  1. सीबीएसई स्कूलों के भवन, प्रवेश द्वार का रंग-रूप तय।

  2. जैतूनी हरा और सैंड बेज रंग का होगा इस्तेमाल।

  3. शिक्षकों के लिए 1 अक्टूबर से ड्रेस कोड अनिवार्य।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश की हरियाली और पहाड़ों की प्राकृतिक रंगत अब सीबीएसई से संबंद्ध सरकारी स्कूलों की पहचान बनेगी। प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध और संबद्धता की प्रक्रिया में शामिल सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल एक समान रंग-रूप में नजर आएंगे। सरकार ने इन स्कूलों के भवन, मुख्य प्रवेश द्वार और चारदीवारी के लिए मानकीकृत रंग और डिजाइन तय कर दिए हैं।

स्कूल भवनों में ओलिव ग्रीन यानी जैतूनी हरा और सैंड बेज रंग का इस्तेमाल होगा। क्रीम, हल्का ग्रे और चारकोल ग्रे सहायक रंगों के रूप में रखे गए हैं।

अधिसूचना जारी की

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थित सीबीएसई स्कूलों को एक जैसी पहचान मिलेगी। निर्धारित रंग योजना केवल नए भवनों तक सीमित नहीं रहेगी। पुराने भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, नवीनीकरण और बाहरी फिनिशिंग में भी यही रंग योजना अपनानी होगी। सीबीएसई स्कूलों से जुड़े सरकारी प्राथमिक स्कूल भी इसके दायरे में आएंगे।

मुख्य द्वार से चारदीवारी तक एक जैसा डिजाइन

विभाग की ओर से सभी स्कूलों को सैंपल भी भेजा गया है कि किस तरह से उन्हें रंग करवाना है। स्कूल प्रबंधन अब भवन का रंग या डिजाइन अपनी सुविधा के अनुसार नहीं बदल सकेगा। भवन के बाहरी हिस्से के साथ दरवाजे, खिड़कियां, ग्रिल और रेलिंग समेत दिखाई देने वाले हिस्सों का स्वरूप भी तय डिजाइन के अनुरूप रखना होगा। मुख्य प्रवेश द्वार और चारदीवारी के लिए भी विभाग ने एक समान डिजाइन निर्धारित किया है।

निर्माण एजेंसी भी नहीं बदल सकेगी मानक

स्कूलों में निर्माण या मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग अथवा किसी अन्य एजेंसी से करवाया जा रहा है तो संबंधित उपनिदेशक को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित रंग और डिजाइन को ड्राइंग, अनुमान, तकनीकी विनिर्देश और निर्माण कार्य में शामिल किया गया है।

विभाग ने स्कूल मुखियाओं को तत्काल अनुपालन के निर्देश दिए हैं। स्थानीय परिस्थितियों के कारण किसी स्कूल में निर्धारित डिजाइन से अलग व्यवस्था आवश्यक होने पर निदेशालय से पूर्व अनुमति लेनी होगी। संबंधित उपनिदेशक अपने क्षेत्र के स्कूलों और कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश जारी करने के साथ इसकी निगरानी करेंगे।

1 अक्टूबर से ड्रेस कोड अनिवार्य

सीबीएसई से संबद्ध, पंजीकृत और संबद्धता के लिए स्वीकृत सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए एक अक्टूबर से ड्रेस कोड अनिवार्य होगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उप निदेशकों को ड्रेस कोड संबंधी पूर्व में जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। शिक्षा निदेशक ने सभी उप निदेशकों को अपने-अपने जिलों में सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों तक इन निर्देशों को पहुंचाने और इनका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ड्रेस कोड लागू होने के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी निदेशालय को वापस मेल के माध्यम से भेजनी होगी।

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