हिमाचल कैबिनेट बैठक में तय होगा विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शेड्यूल, CM सुक्खू बोले- 27 अक्टूबर को लगेगी मुहर
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में धर्मशाला में शुरू होगा। पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
सत्र नवंबर के अंतिम सप्ताह में धर्मशाला में शुरू होगा।
पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो, इसलिए समय बदला गया।
27 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक में तारीखें तय होंगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार भी निर्धारित समय से पहले नवंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा। पहले ही पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होने वाला यह सत्र 25 या 26 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसकी पुष्टि की। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी सत्र को समय से पहले आयोजित करने के संकेत दिए थे।
27 अक्टूबर को कैबिनेट में तय होगी तारीख
शीतकालीन सत्र की अंतिम तारीख तय करने के लिए 27 अक्टूबर को मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में विधानसभा सचिवालय से आने वाले प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम तिथियां तय कर लोकभवन को भेजी जाएंगी। कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय अधिसूचना जारी करेगा और विधायकों से तय समयावधि में प्रश्न आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
पर्यटन कारोबार न हो प्रभावित, इसलिए बदला समय
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला, मनाली और शिमला में सर्दियों के दौरान पीक टूरिस्ट सीजन रहता है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार पुख्ता प्रबंध करती है। अमूमन विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंत या जनवरी महीने में आयोजित होता रहा है, जिससे धर्मशाला का पर्यटन कारोबार प्रभावित होता था।
सत्र के दौरान पूरी सरकार, मंत्री और प्रशासनिक अमला वहां मौजूद रहता है, जिससे होटलों की उपलब्धता और यातायात व्यवस्था के चलते पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। गत वर्ष भी सरकार ने पर्यटन को ध्यान में रखते हुए नवंबर के अंतिम सप्ताह से दिसंबर के पहले हफ्ते तक सत्र का आयोजन किया था, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए थे। विधानसभा की ओर से प्रस्ताव आते ही सरकार नवंबर माह में ही सत्र आयोजित करने की संस्तुति देगी।
35 बैठकों का वार्षिक कैलेंडर होगा पूरा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शीतकालीन सत्र विधायी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। निचले हिमाचल में सरकार की मौजूदगी के दौरान क्षेत्र से जुड़े कई अहम विकास कार्यों का निपटारा किया जाता है। विधानसभा के वार्षिक कैलेंडर के तहत साल में 35 बैठकों की अनिवार्यता होती है। आगामी विंटर सेशन में लगभग 10 बैठकें संभावित हैं, जिससे यह निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
