हिमाचल में सेब की कमी से 100 करोड़ का प्रोसेसिंग प्लांट बंद, अब निजी हाथों में देने की तैयारी में सरकार
हिमाचल प्रदेश में 100 करोड़ रुपये की लागत से बना पराला सेब प्रसंस्करण संयंत्र कम सेब खरीद के कारण बंद ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में सेब की कमी के कारण 100 करोड़ का प्रोसेसिंग प्लांट बंद है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
100 करोड़ का पराला सेब प्लांट कम खरीद से बंद।
सरकार अब इसे निजी हाथों में देने की तैयारी में।
संयंत्र की उपयोगिता और भविष्य पर गंभीर प्रश्न।
यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। सेब को मंडियों की मंदी से बचाकर जूस कंसंट्रेट, सिरका, वाइन और दूसरे वैल्यू-एडेड उत्पादों में बदलने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर तीन फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट लगाए, लेकिन अब सवाल इनके इस्तेमाल और आर्थिक उपयोगिता पर खड़े हो रहे हैं। इस सीजन में अभी तक महज 8,500 टन सेब की खरीद होने के कारण 100.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पराला का अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बंद रखना पड़ा है।
सरकार अब इसे निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है। इसके संचालन पर सालाना करीब 15 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
एचपीएमसी के परवाणू, जारोल और पराला संयंत्रों की संयुक्त प्रसंस्करण क्षमता करीब 39 हजार टन प्रति सीजन है। वर्ष 2025 के सेब सीजन में कागजों पर सी-ग्रेड सेब की खरीद एक लाख टन तक पहुंचाई गई, लेकिन इससे एप्पल जूस कंसंट्रेट का उत्पादन केवल 2,085 टन रहा।
विश्व बैंक वित्तपोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत तैयार पराला प्लांट की क्षमता 200 टन सेब प्रतिदिन क्रश करने की है और इसकी मौसमी क्षमता करीब 18 हजार टन है।
जूस से वाइन और पेक्टिन तक की पूरी तैयारी
पराला प्लांट सिर्फ जूस कंसंट्रेट तक सीमित नहीं है। इसमें सालाना एक लाख लीटर क्षमता की वाइनरी, 50 हजार लीटर एप्पल साइडर विनेगर क्षमता, 2,000 लीटर प्रति घंटे की पीईटी बाटलिंग लाइन और पेक्टिन एक्सट्रैक्शन की व्यवस्था है। यानी कम गुणवत्ता वाले सेब को भी सीधे कम दाम पर बेचने के बजाय उससे कई वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस सीजन में सेब की कम खरीद के कारण पराला संयंत्र को बंद रखना पड़ा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित इस अत्याधुनिक संयंत्र को निजी हाथों में देने की तैयारी है।
-सी पाल रासु, सचिव बागवानी।
तीनों प्लांटों की क्षमता
- प्लांट क्षमता प्रमुख उत्पाद
- परवाणू 18,000 टन/सीजन जूस कंसंट्रेट, एरोमा, जूस, सिरका
- जारोल 3,000 टन/सीजन कंसंट्रेट, जैम, स्क्वैश, अचार, वाइन
- पराला 18,000 टन/सीजन जूस कंसंट्रेट, वाइन, सिरका, पीईटी जूस, पेक्टिन
- कुल 39,000 टन/सीजन
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