शिमला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से करीब 12 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में करीब 551 सड़कें बंद हैं। बारिश के कारण आधे प्रदेश के स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का 16 अगस्त का शिमला दौरा टल गया है। प्रदेश में बारिश से 775 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 391 करोड़ की चपत लगी है। राज्य आपदा प्रबंधन ने 96 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की। बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं जिसकी वजह से शिमला, मंडी, सोलन और ऊना में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। भारी बरसात के चलते सोलन के सभी स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी कर दी गई है ।

कुल्लू में दो दिनों की बारिश ने ही अफरा-तफरी मचा दी है। मौसम की बदमिजाजी के कारण यहां बीती रात को मणिकर्ण घाटी में बादल फट गया, जिसके पानी ने कटागला को जलमग्न कर दिया। प्रशासन की राहत टीम रात को ही मौके पर पहुंच गई और तीन विदेशी पर्यटकों को यहां से रेस्क्यू किया गया, जो यहां पर ठहरे हुए थे, जबकि स्थानीय लोग भी अपने घरों से दूर चले गए। जिला में दो दिनों से हो रही बारिश ने यहां के सभी नदी-नालों को उफान पर ला दिया है, यहां की प्रमुख ब्यास व पार्वती नदियां उग्र रूप से बह रही हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर कारें मलबें में दब गयी हैं।

  जिला के उपनगर भुंतर में बारिश का पानी नालियों से निकलकर सड़कों पर बह रहा है और लोगों के घरों में घुसकर उन्हें बाहर कर दिया है।यहां के दोहरानाला में ग्रामीण क्षेत्र की दो पुलियां नाले के तेज बहाव में बह गई, जिससे गांवों का संपर्क कट गया है। आनी उपमंडल के हरीपुर में एक मकान पर पहाड़ी का मलबा गिर गया, जिसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोगों को मुश्किल से पशुओं को बाहर निकालना पड़ा। पशुओं को निकालने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। बारिश में डंगे धंसने व भू-स्खलन के कारण जिला के कई ग्रामीण सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। उधर, मौसम खराबी के चलते कुल्लू के उपायुक्त यूनुस ने जिला के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।

सोलन में कल से बारिश हो रही है। जिस कारण नालागढ़ में भी एक बड़ा हादसा हुआ जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।

एडीएम विवेक चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि तेज बारिश के चलते जल स्तर काफी बढ़ गया है। लोग नदी किनारे भी ना जाये। भूस्खलन होने का अंदेशा हर समय बना हुआ है। कालका शिमला हाइवे में बार-बार बडे पत्थर व मलबा बारिश के चलते सड़कों पर गिर रहा है जिसकी वजह से जाम लगा हुआ है। ऐसे में लोग देख कर सफर करे हो सके तो निर्माणधीन नेशनल हाईवे में दोपहिया वाहनों से सफर करने से बचे।

बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से पूरे जिले में सड़क मार्ग ठप हो गए हैं। जगह-जगह संपर्क मार्ग और हाईवे पर गाडिय़ों फंस गयी है। बिलासपुर के समीप झरलोग गांव में रिहायशी मकान पर बड़ा लैंड स्लाइड होने के कारण भीतर सो रही दादी पोती की दबकर मौत हो गयी। ये घटना तड़के सवेरे की है जब भूस्खलन होने के कारण भारी मात्रा में मलवा मकान के दीवार फाड़कर अंदर जा घुसा जिससे कमरे में सो रही दादी पोती दबकर मर गई। 

जिला दंडाधिकारी शिमला श्री अमित कश्यप ने कहा कि जिले में भारी बारिश के कारण प्रशासन ने 13 अगस्त 2018 को जिला में सभी सरकारी व निजी स्कूलों (+2तक) को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी उप मंडल अधिकारियों को भी  निर्देश जारी किए गए हैं ।

अब तक 13 की मौत, 580 करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। बादल फटने और भूस्खलन व मकान ढहने के कारण ही अधिक लोगों की जान गई है। इस दौरान 558 मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिसमें से 80 मकानों का नामोनिशान मिट गया। बरसात ने ऐसा कहर बरपाया है कि नुकसान का आंकड़ा 580 करोड़ तक पहुंच गया है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन से करोड़ों रुपये का नुकसान होने के साथ-साथ यातायात भी बाधित रहा है। इससे सेब कारोबार पर भी खासा असर पड़ा है। नकदी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग को 391 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बरसात के कारण सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की 1397 पेयजल व सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं और करीब 117 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फसलों का नुकसान 51 लाख रुपये तक पहुंच गया है जिसमें सब्जियों का नुकसान शामिल है।

शिमला जिले में सबसे अधिक नुकसान

प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान शिमला जिला में 1.58 करोड़ रुपये का हुआ है। जबकि कांगड़ा में एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि अन्य जिलों में नुकसान लाखों में है। 

भारी बारिश से थमे नौ रेलगाड़ियों के पहिये

राजेश ढडवाल ’ऊना भारी बारिश के कारण रविवार को अंबाला-नंगलअंदोरा (ऊना) के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ। नंगल से अंबाला व अंबाला से नंगल सहित अंदोरा तक आने जाने वाली नौ रेलगाड़ियों को रेल प्रबंधन द्वारा स्थगित कर दिया गया है। दरअसल पंजाब के कीरतपुर-भरतगढ़ में हुई मूसलधार बारिश के चलते कीरतपुर-भरतगढ़ रेल पुल पर भारी जलभराव हो गया। रविवार को रेल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से रेलगाड़ियों के स्थगित होने की अधिसूचना जारी कर दी है। संबंधित रेलवे स्टेशनों पर अगले आदेश आने तक कुछ रेलगाड़ियों को आंशिक जबकि कुछ को स्थायी रूप से रद्द करने की सूचना जारी कर दी है। पुल पर पटरियों में पानी भर जाने के कारण कई लोकल रेलगाड़ियों का परिचालन आंशिक रूप से बाधित हुआ।  

जानलेवा हुई बारिश, तीन की मौत

हिमाचल में लगातार जारी बरसात जानलेवा साबित होने लगी है। सोलन जिले के बरोटीवाला में रविवार तड़के तेज बारिश से चारदीवारी झुग्गियों पर गिरने से मध्य प्रदेश के एक परिवार के तीन लोगोें की मौत हो गई। भारी बारिश से प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं जबकि 50 से अधिक सड़कों पर यातायात थम गया है। भूस्खलन से कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। सोलन जिले के बद्दी में नदी का जलस्तर बढ़ने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। नालागढ़-बद्दी की तरफ वाया साई सड़क बंद हो गई है।

 

बरोटीवाला में सतीवाला नदी के तेज

बहाव से चारदीवारी झुग्गियों पर गिर गई व दो परिवारों के चार सदस्य उसके नीचे दब गए। चार साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके माता-पिता ने पीजीआइ चंडीगढ़ में दम तोड़ा। बद्दी के तहसीलदार मुकेश शर्मा ने बताया कि मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के डिगपुर निवासी राजू, उसकी पत्नी शारदा व चार वर्षीय बेटे राहुल के रूप में हुई है। वहीं बिलासपुर में कैंचीमोड़ सड़क पर चट्टानें गिरने से सड़क बंद हो गई है।

कुल्लू के बंजार में औट-आनी-लुहरी मार्ग भारी बारिश के कारण रविवार को बाधित होता रहा। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर राहलीनाला में पत्थरों व मलबा गिरने से यातायात बाधित रहा। कुल्लू जिले में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। मंडी जिले के डैहर बाजार में डंगा गिरने से दो दुकानों में दरारें आ गई हैं।

चंबा बस स्टैंड के पास रविवार सुबह सड़क का 10 मीटर डंगा धंसने से चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सभी वाहनों को अब वाया सुराड़ा होकर नए बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ेगा। शिमला के विकासनगर में भू स्खलन के कारण एक भवन पर खतरा मंडरा रहा है जबकि मल्याणा में तीन दिनों से बंद राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल नहीं हो पाया है। जिले में टमाटर की फसल पर भी बारिश का असर पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने के कारण फसलों के बीमारी की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है।

कांगड़ा के ढलियारा के समीप खड्ड का जलस्तर बढ़ने से धर्मशाला-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सुबह पांच से आठ बजे तक बाधित रहा। मूसलधार बारिश से ऊना के सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। दौलतपुर चौक में तलवाड़ा-ऊना रोड पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। वहीं रेल यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अंबाला-नंगल-अंदौरा (ऊना) ट्रैक पर चलने वाली नौ ट्रेनों के पहिये थम गए हैं। इनमें से छह ट्रेनें आंशिक रूप से व तीन पूर्ण रूप से स्थगित कर दी हैं।

 

हिमाचल में अगले दो दिन राहत नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र ने 14 अगस्त तक सिरमौर, शिमला, सोलन, कांगड़ा, मंडी व ऊना में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है। पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश नयना देवी में 131 मिलीमीटर दर्ज की गई। नादौन में 96, गोहर में 79 व ऊना में 65 मिलीमीटर बारिश हुई।

 

By Babita