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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीएसटी: परेशान न हों, मदद करेगी सरकार

By Babita KashyapEdited By:
Published: Thu, 29 Jun 2017 09:40 AM (IST)Updated: Sat, 01 Jul 2017 09:09 AM (IST)

विभाग ने राज्य मुख्यालय स्थित निदेशालय में राउंड द क्लॉक (24 गुणा सात घंटे) हेल्प डेस्क स्थापित करने की औपचारिकता पूरी कर ली

जीएसटी: परेशान न हों, मदद करेगी सरकार
जीएसटी: परेशान न हों, मदद करेगी सरकार

शिमला, प्रकाश भारद्वाज। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने में सिर्फ 48 घंटे शेष हैं। इसके बाद किसी भी वस्तु का दुकानदार तय मूल्य से अधिक नहीं वसूल पाएंगे। प्रदेश के कारोबारियों की मदद के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग शिमला में पहली जुलाई से हेल्प डेस्क खोलेगा। इससे कारोबारी किसी भी तरह की मदद 24 घंटे ले सकेंगे। बस कारोबारी या आम आदमी को एक फोन करना है और अधिकारी समाधान बता देंगे।

 

विभाग ने राज्य मुख्यालय स्थित निदेशालय में राउंड द क्लॉक (24 गुणा सात घंटे) हेल्प डेस्क स्थापित करने की औपचारिकता पूरी कर ली हैं। प्रदेश के सभी जिलों में सुविधा केंद्र स्थापित करने का काम पूरा कर लिया है। प्रदेश सरकार के अतिरिक्त शिमला में केंद्र सरकार का सेंट्रल बोर्ड ऑफ आबकारी एवं कस्टम ऑफिस भी खुलेगा।

 

सभी के लिए फायदा

जीएसटी को लेकर उद्योगपतियों और व्यापारियों में उलझन की स्थिति बनी हुई है। नए कर को लेकर सभी संदेह में हैं कि उन्हें इसका लाभ मिलेगा या नुकसान होगा। इस मुद्दे पर उद्योगपति वर्ग असमंजस में है कि जीएसटी उनके लिए कितना फायदेमंद साबित होगा। नए कर पर उत्पन्न हुई शंकाओं को उद्योगपतियों ने आबकारी एवं कराधान विभाग के एईटीसी उज्ज्वल सिंह राणा के सामने रखा। अधिकारी ने भरोसा दिया कि उद्योगपति और व्यापारी धैर्य बनाकर रखें, क्योंकि जीएसटी सभी के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। नए कर पर अगर कोई शंका है तो विभाग से संपर्क करें। जीएसटी के प्रारूप को लेकर सभी जागरूक बनें और सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान न दें। इसके अच्छे परिणाम ही सामने आएंगे।

 

- जीएसटी का प्रारूप अभी तक न मिलना

- जीएसटी को लेकर अधिकारियों की अनभिज्ञता

 - राकेश कौशल, अध्यक्ष हरोली औद्योगिक एसोसिएशन

- नए कर के प्रावधान में गलती पर सजा का भय

- एक्सेसरी की अथॉरिटी पर स्थिति साफ नहीं

 - आरएस यादव, प्रबंधक एनएचटी उद्योग बाथड़ी

- जागरूकता कार्यक्रमों में धीमी गति

- दस लाख रुपये की सीमा अधिक होनी चाहिए

 -शुभम जोशी, मैसर्ज जोशी बीवरेज इंस्स्ट्री

- एक्साइज ड्यूटी के लाभ मिलेंगे या नहीं

- उद्योगों के लाभ खत्म होंगे या नहीं

 - राजीव राणा, प्रबंधक गणेशा फूड

- जीएसटी की वेबसाइट पर एक्ट की पूरी जानकारी उपलब्ध है

- कुछेक विषयों पर जानकारी आनी बाकी है, जिनमें एरिया बेस्ड एक्जेंपशन, जीएसटी टीडीएस, ईवीआइ बिल शामिल हैं

- नियमों का पूरा पालन करें, सजा से न डरें

- केंद्र व राज्य सरकार के तहत एक कार्य के लिए एक ही फाइल जमा होगी

 - उज्ज्वल सिंह राणा, एईटीसी आबकारी एवं कराधान विभाग ऊना। 

 

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