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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एचआरटीसी का असुरक्षित भवन गिरा, चार लोगों की मौत

By Munish DixitEdited By:
Published: Fri, 04 Aug 2017 03:11 PM (IST)Updated: Sat, 05 Aug 2017 11:16 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश के शिमला के ठियोग में बाजार में बने बस अड्डा भवन के गिर जाने से अड्डा इंचार्ज सहित चार लोगों की मौत हो गई।

एचआरटीसी का असुरक्षित भवन गिरा, चार लोगों की मौत
एचआरटीसी का असुरक्षित भवन गिरा, चार लोगों की मौत

जेएनएन, शिमला। जिला शिमला के ठियोग में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का असुरक्षित भवन ढहने से बस कंडक्टर समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में छह लोग गंभीर रुपये से घायल हुए हैं। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने ठियोग के उपमंडल अधिकारी को हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बुकिंग सेंटर का एक हिस्सा अचानक गिर गया। इसके कुछ देर बाद पूरा भवन ढह गया। इस भवन को असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद एचआरटीसी का बुकिंग सेंटर इस भवन में चलता था।

हादसे के समय वहां बस कंडक्टर रोशन लाल व कुछ यात्री टिकटें बुक करवाने के लिए खड़े थे जो भवन गिरते ही दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक सौम्या साम्बशिवन व अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे व बचाव कार्य का निरीक्षण किया। राहत कार्य के लिए सुन्नी से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। मलबे में से जब कंडक्टर रोशन लाल को निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी। रोशन गजेड़ी (ठियोग) के निवासी थे। बिहार के एक व्यक्ति का शव भी मलबे से निकाला गया। शाम साढ़े छह बजे मलबे से दो और शव निकाले गए। मारे गए तीन लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। देर शाम तक बचाव कार्य जारी था।
 सुरक्षाकर्मी मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण तलाशी अभियान चलाए हुए थे। चार घायलों को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में उपचार के लिए लाया गया, जिनमें बिहार निवासी मिथुन कुमार (15), बनेत (54) निवासी मंजूली, ठियोग, जमुना देवी निवासी प्यूजला फागू व रमेश कुमार (36) सैंज शामिल हैं। दो घायल ठियोग अस्पताल में भर्ती हैं।

असुरक्षित भवन में बैठते थे कर्मचारी
एचआरटीसी का यह भवन दो वर्ष से असुरक्षित था, जिसमें केवल बुकिंग सेंटर चलता था। असुरक्षित घोषित होने के बावजूद इस भवन में कर्मचारी बैठ रहे थे। भवन में बड़ी-बड़ी दरारें थीं। निकट के एक भवन मालिक ने इस भवन से अपने भवन को खतरा देखते हुए विभाग के अधिकारियों व मंत्री को पत्र लिखा था। एक महीना पहले इस भवन से कुछ सामान किराये का कमरा लेकर उसमें रख दिया गया था। हालांकि विभाग ने यह भवन पूरी तरह खाली नहीं किया था।

मृतकों के परिजनों को मिलेंगे पांच-पांच लाख रुपये
-एक-एक सदस्य को मिलेगी परिवहन बहुद्देश्यीय सहायक की नौकरी
मौके पर पहुंचे परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। मृतकों के परिवार से एक-एक सदस्य को विभाग में परिवहन बहुद्देश्यीय सहायक के पद पर रोजगार दिया जाएगा। हादसे में घायल सभी लोगों के उपचार का खर्च परिवहन विभाग उठाएगा। हादसे के लिए जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वह शिमला पहुंच कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट देंगे। मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम राहत, चार घायलों को पांच-पांच हजार रुपये व दो घायलों को चार-चार हजार रुपये की अंतरिम राहत दी गई है।

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