यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए जाति जनगणना का उपयोग करने की कोशिश कर रही', हिमाचल के पूर्व सीएम ने की कांग्रेस की आलोचना
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम व भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने रविवार को कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- हिमाचल के पूर्व सीएम व भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने की कांग्रेस पर लगाए आरोप
- कहा- कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए जाति जनगणना का उपयोग करने की कोशिश कर रही
- गुरुवार को प्रदेश के राज्यपाल ने भी कांग्रेस पर बोला था हमला
एएनआई, शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जयराम ठाकुर (Himachal Ex CM Jairam Thakur Criticised Congress) ने रविवार को कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जाति-आधारित जनगणना पर राजनीतिक खींचतान के बीच राजनीतिक लाभ उठाने के लिए सबसे पुरानी पार्टी ने जनगणना को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया।
जाति जनगणना की मांग तेज होने के बीच भाजपा के नेता ने कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आएंगे वैसे ही कांग्रेस ऐसे मुद्दे ढूंढने की कोशिश करेगी जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा और इससे समाज में बड़ा विभाजन हो सकता है।
चुनाव के समय कांग्रेस राजनीतिक लाभ वाले मुद्दे तलाशती है
उन्होंने आग कहा कि "जब चुनाव करीब आते हैं तो कांग्रेस ऐसे मुद्दे ढूंढने की कोशिश करती है जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिले। यह एक समान एजेंडा है और कुछ नहीं। मेरा मानना है कि जिस तरह से वे इस मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहे हैं, वे केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से सोच रहे हैं।" इससे समाज में बहुत बड़ा विभाजन होगा। यह समाज और देश के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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प्रदेश के राज्यपाल ने भी कांग्रेस पर बोला था हमला
इससे पहले गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा था कि जाति जनगणना भी समाज को बांटने का एक हिस्सा है। राज्यपाल ने ये भी कहा कि राम मनोहर लोहिया की उक्ति 'दाम बांधो, जाति तोड़ो' की समकालीन समय में जरूरत है। शिव प्रताप शुक्ला ने यह भी कहा, "मुझे लगता है कि राम मनोहर लोहिया जी एक समाजवादी विचारक थे, जिन्होंने बांध बांधो (कीमतें तय करो), जाति तोड़ो (जाति तोड़ो) के आधार पर लोकतंत्र का पालन किया।
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उन्होंने कहा था कि समाज को विभाजित करके लोकतंत्र को कभी भी मजबूत नहीं किया जा सकता है। मेरा मानना है कि समग्र रूप से समाज एकता और सामाजिक सद्भाव से प्रगति कर सकता है। भारत की प्रगति और अमृत काल के सपने को साकार करने के लिए समाज का एकजुट होना भी जरूरी है।
राज्यपाल ने हिंदुत्व पर भी कही थी बात
राज्यपाल ने यह भी कहा था कि भारत की जीडीपी बढ़ रही है। आज भारतीय लोकतंत्र के इस अमृत काल में पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है और देश में रहने वाले कुछ लोग भारत को तोड़ने का काम कर रहे हैं, इसलिए मेरा मानना है कि भारत को एकजुट होना चाहिए। प्राचीन भारतीय समाज में सभी लोग सद्भाव और एकता के साथ रहते थे। राज्यपाल ने हिंदुत्व पर बयान दिया और कहा कि "मुझे लगता है कि कई बार हिंदुत्व को तोड़ने की बात हुई है और जाति जनगणना एक ऐसा ही प्रयास है।"
