जागरण संवाददाता, शिमला : नेता प्रतिपक्ष सहित पांच कांग्रेस विधायकों के निलंबन के विरोध में पार्टी पांच मार्च को सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करेगी। महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 10 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगे। कांग्रेस ने विधानसभा के घेराव को सफल बनाने के लिए सभी ब्लॉक अध्यक्षों को 100-100 लोग लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विधायक, पूर्व विधायक व सभी पदाधिकारी भाग लेंगे।

यह निर्णय बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों, सचिवों, ब्लॉक अध्यक्षों, फ्रंटल सगठनों के मुखियों व कांग्रेस प्रवक्ताओं की बैठक में लिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि उनका एजेंडा पार्टी को मजबूत बनाना व 2022 में कांग्रेस को सत्ता में लाने का है। इसके लिए वह सबसे सहयोग की अपेक्षा करते हैं।

निष्क्रिय पदाधिकारी होंगे बाहर

राठौर ने पार्टी पदाधिकारियों से अपने पद का ईमानदारी से निर्वहन करने का आग्रह किया। संगठनात्मक कार्यों में रुचि न रखने वाले निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर किया जाएगा। जो संगठन को कमजोर करने की कोशिश करेगा उसे सहन नहीं किया जाएगा। जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अजय महाजन के प्रस्ताव को पारित कर सभी संगठनों ने दो वर्ष के सफल कार्यकाल पर राठौर को बधाई दी।

नगर निगम चुनाव पार्टी की पहली परीक्षा

राठौर ने कहा कि चार नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिन्ह पर होने से दलबदल की राजनीति पर अंकुश लगेगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों को चुनाव के लिए आगे लाएं जो जितने की क्षमता रखता हो। यह चुनाव पार्टी की पहली परीक्षा है। 31 मार्च तक सभी बूथ कमेटियों का गठन हर हाल में होना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि कांग्रेस के सामने चार नगर निगमों के चुनाव में जीत बड़ी चुनौती है। एआइसीसी के सह सचिव गोकुल बुटेल ने इंटरनेट मीडिया की उपयोगिता पर विचार रखे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

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