जागरण संवाददाता, शिमला : शहर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने का असर बाजारों में भी दिखने लगा है। शहर के रिज व मालरोड से लेकर लोअर बाजार लोगों व पर्यटकों से भरे रहते थे, अब यहां से भीड़ गायब होने लगी है। नाममात्र ही लोग अब बाजार में निकल रहे हैं। कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए ऐसी सतर्कता जरूरी भी है, लेकिन शहर के कारोबारी अब 20 फीसद कारोबार ही रह जाने से चिंतित होने लगे हैं।

कोरोना की मार सबसे ज्यादा होटल कारोबारियों पर पड़ती दिख रही है। पिछले दो सप्ताह से वीकेंड के नाम पर 20 फीसद सैलानी भी शिमला नहीं पहुंच रहे हैं सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के शुरू होने पर सात राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए 16 अप्रैल से नेगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य कर दी है। हालांकि राज्य की सीमा पर सैलानियों को आने से रोका नहीं जाएगा। न ही किसी तरह का टेस्ट राज्य में होगा। सरकार ने होटल मालिकों को ये रिपोर्ट चैक करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि शहर के होटल मालिकों ने सरकार के इस फैसले से असहमति जता दी है। उन्होंने रिपोर्ट चेक करने से इन्कार कर दिया है। होटल मालिकों का तर्क है कि सरकार को यह फैसला थोपने के बजाय प्रशासन की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। कारोबारियों के साथ बैठक करे सरकार, निकलेगा हल

शिमला होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद का कहना है कि कोरोना के मामले बढ़ने से पर्यटन कारोबार पर काफी असर पड़ा है। सरकार ने अब कोविड रिपोर्ट जांचने का जिम्मा भी होटलियरों पर थोप दिया है। रिपोर्ट देखने का काम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का है। सरकार की ओर से उन्हें कोई भी इस तरह की मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की गई है और न ही कोई बैठक हुई है। पहले ही पर्यटन कारोबार न के बराबर हो गया है। सरकार को शीघ्र ही होटल कारोबारियों से बैठक करनी चाहिए। इसमें हल निकल सकता है। व्यापार मंडल ने किया विरोध

शिमला व्यापार मंडल ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध जताया है। उनका तर्क है कि सरकार को इस फैसले पर दोबारा से विचार करना चाहिए। व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि कोरोना के मामले बढ़ना चिता का विषय है। होटल कारोबारी पहले ही कारोबार न होने से परेशान हैं। राजधानी में सैलानियों से लेकर स्थानीय ग्राहकों की संख्या घटी है। प्रशासन के अधिकारी होटलों में करेंगे जांच

उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा कि सरकार ने सात राज्यों के सैलानियों के लिए व्यवस्था लागू की है। सैलानियों को नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। होटल वाले ही उस रिपोर्ट की जांच करेंगे। किसी को भी कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत अस्पताल भेजा जाए। प्रशासन भी समय-समय पर होटलों में जाकर चेकिग करने जाएगा।

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