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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीबीआइ ने कोटखाई में किया घटनास्थल का निरीक्षण

By Babita KashyapEdited By:
Published: Tue, 25 Jul 2017 09:29 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jul 2017 02:43 PM (IST)

सीबीआइ की छह सदस्यीय टीम ने स्थानीय एक नेपाली को अपने साथ लिया था। यह नेपाली एक बागबान के बगीचे में पिछले कई साल से मजदूरी करता है।

सीबीआइ ने कोटखाई में किया घटनास्थल का निरीक्षण
सीबीआइ ने कोटखाई में किया घटनास्थल का निरीक्षण

शिमला, जागरण संवाददाता। कोटखाई में दसवीं की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सीबीआइ की टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार सुबह कोटखाई में घटनास्थल का परिस्थिति निरीक्षण किया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ की छह सदस्यीय टीम ने स्थानीय एक नेपाली को अपने साथ लिया था। यह नेपाली एक बागबान के बगीचे में पिछले कई साल से मजदूरी करता है।

 

टीम ने घटनास्थल के संबंध में नेपाली मूल के व्यक्ति से विस्तार से जानकारी हासिल की। सीबीआइ टीम ने पूछा कि नेपाली बस्ती के लोग क्या लकड़ी लाने के लिए उसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं  जिस पर शव मिला था? इस पर नेपाली मूल के व्यक्ति ने बताया कि यह आम रास्ता है जिसे शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। बीस मिनट से आधे घंटे के बीच कोई न कोई व्यक्ति इस रास्ते पर चला रहता है। खासकर स्कूल के बच्चे समूहों में यहां से आते हैं। इस जंगल से अकेले बड़े कम लोग सफर करते हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ की टीम ने इस दौरान घटनास्थल के फोटोग्राफ भी लिए। उक्त नेपाली मूल के व्यक्ति को कोई भी जानकारी किसी से शेयर करने के लिए सीबीआई ने इन्कार किया है। सीबीआइ ने पुलिस से मामले को समझने के लिए कोई मदद नहीं मांगी। सिर्फ घटनास्थल तक पहुंचने के लिए प्रोटोकॉल का अनुसरण पुलिस के माध्यम से किया है। 

 

सुनसान नहीं है घटनास्थल

सीबीआइ की टीम बार-बार यही कह रही थी कि जिस जगह पर शव बरामद हुआ है, वो सुनसान लगता है। आसपास रास्ता है। उस रास्ते पर घास भी नहीं है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि यह रास्ता काफी व्यस्त है। इसमें दिनभर चहल-पहल रहती है। जब टीम मौके पर थी तो उस दौरान कई लोग उसी रास्ते से गुजरे। यह बात अब सीबाइआइ के गले से नीचे नहीं उतर रही है कि व्यस्त रास्ते पर वारदात को अंजाम कैसे दिया गया?

 

इस एंगल पर हो रही सीबीआइ जांच

सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ दो आधार पर मुख्य तौर पर काम कर ही है। इस मामले की विस्तृत जानकारी पूरी टीम के सामने एसपी स्पेशल क्राइम ने रखी है। टीम को न्यूज कटिंग के संबंध में भी बताया गया। साथ ही साथ टीम के सदस्यों ने मामले के संबंध में एसपी से सवाल किए। अंत में सीबीआइ टीम ने दो एंगल से मामले की छानबीन को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है। पहला एंगल मामले की जांच पुलिस की थ्योरी के हिसाब से करना है। दूसरा एंगल जो आपत्तियां पुलिस की जांच पर उठी हैं, उस हिसाब से जांच को आगे बढ़ाना है। अगर दोनों ही एंगल से जांच आगे नहीं बढ़ी तो फिर सीबीआइ अलग से मामले को शुरू करेगी क्योंकि इस मामले प्राथमिक सुबूत सीबीआइ के पास बहुत कम हैं।

 

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