हिमाचल में सुबह-सुबह महसूस हुए भूकंप के झटके, शिमला सहित कई जगहों पर कांपी धरती; घरों से बाहर निकले लोग
हिमाचल प्रदेश में शनिवार सुबह 4:36 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। शिमला सहित कई पहाड़ी इलाकों में झटके महसूस किए गए।
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शिमला में महसूस हुए भूकंप के झटके (फाइल फोटो)
HighLights
हिमाचल में शनिवार सुबह 4.1 तीव्रता का भूकंप आया
शिमला सहित कई क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस हुए
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सुबह 4:36 बजे पुष्टि की
डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल में शनिवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का समय सुबह का होने के कारण अधिकतर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक धरती हिलने और झटके महसूस होते ही लोग सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए अफरा-तफरी में घरों से बाहर निकल आए।
सुबह 4:36 बजे आया भूकंप
EQ of M: 4.1, On: 17/10/2026 04:36:27 IST, Lat: 31.298 N, Long: 77.529 E, Depth: 10 Km, Location: Shimla, Himachal Pradesh. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia https://t.co/iYk7TgrD1w
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) October 16, 2026
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप शनिवार तड़के 4 बजकर 36 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई है। इसका असर शिमला के साथ-साथ प्रदेश के कई अन्य इलाकों में भी देखने को मिला।
किसी नुकसान की खबर नहीं
तड़के आए इन झटकों से भले ही लोगों में दहशत फैल गई, लेकिन गनीमत यह रही कि अब तक कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या मकानों में दरार आने की खबर नहीं मिली है।
भूकंप के दौरान क्या करें?
- शांत रहें और दूसरों को आश्वस्त करें, पैनिक होना आपको और मुश्किल में डाल सकता है।
- आयोजन के दौरान सबसे सुरक्षित स्थान इमारतों से दूर एक खुला स्थान है।
- यदि आप घर के अंदर हैं, तो डेस्क-टेबल-बिस्तर या दरवाजों के नीचे, साथ ही अंदर की दीवारों और सीढ़ियों के पास शरण लें।
- कांच के दरवाजों-खिड़कियों या बाहरी दरवाजों से दूर रहें।
- भगदड़ से बचने के लिए इमारत से बाहर निकलने की जल्दी न करें।
- यदि आप बाहर हैं, तो इमारतों और बिजली के तारों से दूर चले जाएं।
- एक बार खुले में आ जाने के बाद, कंपन बंद होने तक वहीं रहें।
- यदि आप किसी चलते हुए वाहन में हैं, तो जितनी जल्दी हो सके रुकें और वाहन में ही रहें।
- सभी पालतू जानवरों और घरेलू पशुओं को खुला छोड़ दें ताकि वे बाहर दौड़ सकें।
- मोमबत्ती, माचिस या अन्य खुली ज्वालाओं का प्रयोग न करें। सभी आग बुझा दें।
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