विधि संवाददाता, शिमला : प्रदेश उच्च न्यायालय ने मिहाना खड्ड बधाल लेहरोटी-कटारला बाया शोभा सड़क के निर्माण कार्य को चार सप्ताह में शुरू करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए कि वह इस सड़क की विस्तृत योजना रिपोर्ट राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के समक्ष दो सप्ताह के भीतर फंड की स्वीकृति के लिए सौंप दें।

मामले के अनुसार वर्ष 2017 में जुब्बल कोटखाई के तत्कालीन विधायक ने इस योजना को प्राथमिकता योजना में डाला था, लेकिन बाद में सरकार बदलते ही वर्तमान सरकार ने एक आदेश जारी कर वर्तमान विधायक से इस योजना पर अपने विचार रखने के लिए कहा। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में यह कहते हुए चुनौती दी थी कि यदि पूर्व विधायक ने इस सड़क को प्राथमिकता योजना में डाला था तो सरकार दोबारा से वर्तमान विधायक से विचार-विमर्श के लिए या उनसे उनकी प्राथमिकता नहीं मांग सकती है।

याचिकाकर्ता के अनुसार वर्ष 2017 में जमा की गई योजनाओं को उसी के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए और उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने प्रार्थी की याचिका पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा व सरकार को अनुपूरक शपथपत्र दायर कर दोबारा स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने कहा कि तत्कालीन विधायक की ओर से दी गई स्वीकृति के बाद अब फिर से स्वीकृति नहीं प्राप्त की जाएगी और मामले को नाबार्ड की सहमति के लिए शीघ्र भेज दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष आवेदन दाखिल कर यह बताया गया कि इस सड़क के निर्माण के लिए जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक की ओर से भी अपनी सहमति दे दी गई है।

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