संवाद सहयोगी, सरकाघाट : विकास कार्यो में सरकाघाट हलके की अनदेखी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने (युकां) ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकाघाट से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के 121 कर्मचारियों को धर्मपुर बदलने के विरोध में की नारेबाजी। युकां के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर की अगुआई में कार्यकर्ताओं ने टिहरा मोड़ से पुराना बस अड्डा तक रैली निकाली और जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह व विधायक कर्नल इंद्र सिंह का पुतला फूंका।

यदोपति ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार सरकाघाट का वजूद खत्म करने पर तुली है। सरकाघाट की जनता ने 14 साल से क्षेत्र की बागडोर एक ऐसे आदमी को थमा रखी है जो सरकाघाट का विकास नहीं कर पा रहा। पहले सरकाघाट से 70 बसों को धर्मपुर ले जाया गया। अब एचआरटीसी के 121 कर्मचारियों का तबादला धर्मपुर कर दिया गया। धर्मपुर के विकास से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए सरकाघाट के हितों के साथ खिलवाड़ कतई मंजूर नहीं है। जब नया डिपो धर्मपुर में खोलना था तो नई बसें और नए स्टाफ के पद भी मंजूर करने चाहिए थे। सिर्फ सरकाघाट डिपो से ही बसें और स्टाफ को लेना तर्कसंगत नहीं है।

आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा ने क्षेत्र की जनता को यह कहकर भ्रमित किया कि चार विशेषज्ञ चिकित्सक सिविल अस्पताल सरकाघाट में पदभार संभालेंगे। अभी तक कोई चिकित्सक सरकाघाट अस्पताल में नहीं पहुंचा है। केंद्रीय विद्यालय सरकाघाट को भी धर्मपुर ले जाया गया। सैनिक अकादमी सरकाघाट में बननी थी उसे भी धर्मपुर में शिफ्ट कर दिया गया। बस स्टैंड सरकाघाट में प्रस्तावित था उसे भी धर्मपुर ले जाया गया। एक समय में सरकाघाट व्यापार का केंद्र हुआ करता था, लेकिन जलशक्ति मंत्री की कारगुजारियों और निष्क्रिय विधायक की वजह से सरकाघाट मात्र एक कस्बा बनकर रह गया है। जनविरोधी फैसलों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान व जनजागरण अभियान शुरू कर राज्यपाल व राष्ट्रपति को प्रेषित किया जाएगा। इस मौके पर परवीन चंदेल, सौरव शर्मा, श्रेयास ठाकुर, अनिल वर्मा, शशि, विक्कू ,मौंटी, अमर सिंह पटियाल, विनय कुमार, संजीव, नरेंद्र आदि कार्यकर्ताओं समेत अन्य युवा मौजूद रहे।

Edited By: Jagran