संवाद सहयोगी, मंडी : हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री एनआर ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ महासंघ मोर्चा खोलेगा। 27 सितंबर को केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदेशभर में सभी जिलाधीशों के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे जाएंगे। हाल ही में राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक हरियाणा प्रांत के कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष आमोद श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई है। इसमें 18 राज्यों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय बैठक में भामसं के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन, सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के प्रभारी उदय राव पटवर्धन, भामसं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जगदीश जोशी, हरियाणा भामसं प्रदेश महामंत्री हनुमान गोदारा और राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री विपिन कुमार डोगरा का मार्गदर्शन कर्मचारी प्रतिनिधियों को मिला। बैठक में केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित करके केंद्र व राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित किया गया। महासंघ की अगली बैठक आठ व नौ फरवरी 2019 को महाराष्ट्र के पुणे में होगी। राष्ट्रीय अधिवेशन आठ व नौ जून 2019 को केरल के त्रिवेंद्रम में होगा। -----------------

मुख्य मांगें

-2003 के बाद भर्ती कर्मचारियों की पेंशन बहाल हो।

-इन्कम टैक्स स्लैब को पांच लाख तक बढ़ाया जाए।

-वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हों।

-अनुबंध व आउटसोर्स के आधार पर नौकरी बंद कर नियमित आधार पर भर्तियां की जाएं।

-सभी राज्यों में सेवानिवृत्ति आयु एक समान हो।

-न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये मासिक किया जाए।

Posted By: Jagran