संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : विकास खंड चौंतड़ा व द्रंग की 14 पंचायतों के 37 गावों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक स्रोत और हैंडपंप भी सूख चुके हैं। नोहली, ब्यूंह, भराडू व त्रैंबली पंचायत में पानी का अधिक संकट गहरा गया है। लांगणा, तुलाह, पिपली, कस, भराडू व द्राहल पंचायत में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गुस्साए ग्रामीणों ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया है। पेयजल की समस्या का समाधान न होने पर उग्र धरने प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।

जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रदीप चड्ढा ने बताया कि गर्मी के मौसम में प्राकृतिक स्रोत सूख जाने से पानी की किल्लत कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में है। विभाग के सहायक अभियंताओं को फील्ड पर पेयजल आपूर्ति के आदेश जारी किए गए हैं। जलशक्ति विभाग अन्य पेयजल योजनाओं से भी इंटर कनेक्ट कर पेयजल से प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कर रहा है।

वहीं, जिला परिषद सदस्य एवं माकपा नेता कुशाल भारद्वाज ने कहा कि जोगेंद्रनगर में 107 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं के दावे खोखले साबित हुए हैं। जलशक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल पाइप लाइन को ही बिछाकर चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है। नए पेयजल स्रोत तैयार नहीं किए गए। हवा के झोंके से ही बंद हो जाती है बिजली

जोगेंद्रनगर शहरी क्षेत्र में बार-बार बिजली बंद होने से लोगों में रोष है। ट्रांसफार्मर भी लगातार फेल हो जाने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली बोर्ड तूफान का हवाला देकर जिम्मेदारियों से बच रहा है। विद्युत मंडल जोगेंद्रनगर अधिशाषी अभियंता गौरव शर्मा ने बताया कि आंधी तूफान से बिजली की हाई वोल्टेज तारों पर पेड़ गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या आई होगी। शहरी क्षेत्र में बिजली के कटों से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल रही है। कई बार तकनीकी खराबी व मरम्मत कार्य के चलते बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है।

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