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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंडी में स्कूली छात्रा को अश्लील गलियां व इशारे करने पर दोषी को तीन माह की कारावास, 5000 रु का जुर्माना भी लगा

By Jagran NewsEdited By: Shoyeb Ahmed
Published: Fri, 29 Sep 2023 06:36 PM (IST)

हिमाचल के मंडी जिले से नाबालिग स्कूली छात्रा को अश्लील गालियां देने व इशारे करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश ...और पढ़ें

मंडी में स्कूली छात्रा को अश्लील गलियां व इशारे करने पर दोषी को सुनाई सजा
मंडी में स्कूली छात्रा को अश्लील गलियां व इशारे करने पर दोषी को सुनाई सजा

HighLights

  1. स्कूली छात्रा को अश्लील गलियां देने व इशारे करने के दोषी को तीन माह का कठोर कारावास
  2. सजा के साथ न्यायालय ने लगाया 5000 रुपये का जुर्माना
  3. जुर्माना न भरने पर भुगतनी होगी एक माह की अतिरिक्त सजा

जागरण संवाददाता, मंडी।  नाबालिग स्कूली छात्रा को अश्लील गालियां देने व इशारे करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मंडी ने तीन माह की कठोर कारावास (Three Months Imprisonment) व 5000 रुपये के जुर्माने (5000 Rs Fine) की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक माह की अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतनी होगी। बकौल जिला न्यायवादी मंडीविनोद भारद्वाज आठ जुलाई 2019 को दुकानदारी करने वाले पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

ये है मामला

शिकायत में बताया गया कि गांव के स्कूल के मैदान से होकर उसके बच्चे मुक्केबाजी की प्रैक्टिस करने स्कूल जाते थे। पांच जुलाई 2019 को सुबह समय करीब 5.00 बजे उसकी बेटी पीड़िता मैदान में खेलने के लिए जा रही थी तो दोषी ने गंदी गालियां दी व अश्लीलता भरे इशारे किए। पीड़िता ने आठ जुलाई को अपने पिता को यह बात बताई। इसी दिन शाम 7.30 बजे शाम शिकायतकर्ता ने दोषी को पूछा तो वह आरोपों से टालमटोल करता हुआ मौके से भाग गया था।

थाना बल्ह में मामला हुआ दर्ज

शिकायत के आधार दोषी के विरुद्ध थाना बल्ह में मामला दर्ज हुआ था। मामले की छानबीन पूरी होने पर थानाधिकारी बल्ह ने चालान न्यायालय में दायर किया था। उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 12 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। न्यायालय में समक्ष सरकार की ओर से मामले की पैरवी लोक अभियोजक नवीना राही, चानन सिंह व नितिन शर्मा ने की। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अभियोग साबित होने पर न्यायालय ने दोषी को यह सजा सुनाई है।

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