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मंडी सिया हत्याकांड: विकास पटियाल दोषी करार, 13 नवंबर को अदालत सुनाएगी सजा; CCTV फुटेज और DNA रिपोर्ट बने मुख्य सबूत

Published: Fri, 06 Nov 2026 08:44 PM (IST)

सरकाघाट में कॉलेज छात्रा सिया की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक अदालत ने विकास पटियाल को दोषी करार दिया है।

छात्रा सिया और दोी विकास पटियाल। फाइल फोटो

छात्रा सिया और दोी विकास पटियाल। फाइल फोटो

HighLights

  1. छात्रा सिया की हत्या में विकास पटियाल दोषी करार।

  2. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार माह में सुनवाई पूरी की।

  3. सीसीटीवी फुटेज और डीएनए ने गुनाह साबित किया।

जागरण संवाददाता, मंडी। जिला मंडी के अंतर्गत आने वाले सरकाघाट में कालेज जा रही छात्रा सिया की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरकाघाट (फास्ट ट्रैक) की अदालत ने शुक्रवार को आरोपित विकास पटियाल को हत्या का दोषी करार दिया है।

दोषी को न्यायालय अब 13 नवंबर को सजा सुनाएगा। महज चार महीने में मामले की सुनवाई पूरी हुई। पुलिस जांच के दौरान जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज, डीएनए और खून के मिलान जैसे अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया।

क्या है पूरा मामला?

13 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9:44 बजे सरकाघाट पुलिस थाना के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर रजनीश ठाकुर को टेलीफोन पर सूचना मिली कि बंजी गोपालपुर के पास एक छात्रा पर धारदार हथियार (दराट) से हमला किया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जहां मृतका सिया का खून से लथपथ शव सड़क पर मिला। उसका गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था। मृतका के चाचा राम लाल के बयान पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों की मुस्तैदी से पकड़ा गया आरोपी

घटनास्थल के पास अजमेर सिंह के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध नीले रंग की जींस पैंट, हुड और गले में गमछा पहने हुए गोपालपुर चौक से घटनास्थल की तरफ जाते दिखा। स्थानीय लोगों ने फुटेज देखकर उसकी शिनाख्त विकास पटियाल के रूप में की।

इसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर आरोपित को नगला स्थित शिव मंदिर के पास खेतों से दबोच लिया। आरोपित के पास से वारदात में प्रयुक्त खून से सना लोहे का दराट भी बरामद किया गया।

फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच ने पुख्ता किया गुनाह

आरएफएसएल मंडी की टीम ने मौके पर पहुंचकर खून से सना धागा, मृतका का झुमका, उसके हाथ में मिले बाल और खून से सने पत्ते समेत तमाम साक्ष्य जुटाए। मेडिकल कालेज एवं अस्पमाल नेरचौक में हुए पोस्टमार्टम में मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव और गर्दन पर गंभीर चोट बताई गई।

पुलिस ने दराट, आरोपित के कपड़ों और डीएनए सैंपल को फारेंसिक जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर चालान अदालत में पेश किया गया, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी करार दिया है।

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