द¨वद्र ठाकुर, कुल्लू

हिमाचल में छात्रवृत्ति घोटाले के बाद अब कुल्लू शिक्षा विभाग में भी घोटाले की बू आ रही है। कुल्लू में करीब 12 साल से अब तक ऑडिट ही नहीं हुआ है। हैरानी की बात है वर्ष 2011 से लेकर 2018 तक छात्रवृत्ति में कई प्रकार के घपले हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2011 से लेकर 2018 तक एक ही अधिकारी के खाते में करीब 21 लाख रुपये की राशि कई चेक के माध्यम से जमा हुई है। इसमें कभी पांच लाख तो कभी दो लाख, तो कभी 80 हजार के चेक जमा किए गए हैं। अंतिम बार वर्ष 2018 में भी एक चेक उक्त अधिकारी के नाम जमा हुआ है।

शिक्षा विभाग की छात्रवृत्ति शाखा कुछ हरकत में आई है। छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक सभी के हाथ पांव फूल गए हैं। कुछ दिन पूर्व उक्त अधिकारी को पत्र लिखकर इसका पूरा ब्योरा देने की बात कही है लेकिन उक्त अधिकारी कागजात को ढूंढने में ही लगा रहा है। जब उक्त 21 लाख रुपये की राशि की बात की गई तो अधिकारी के होश उड़ गए हैं। अधिकारी यह कह बात टाल रहा है कि में इस राशि को भर दूंगा।

मालूम हो उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू में वर्ष 2011 से लेकर 2018 तक की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। यह राशि करीब एक करोड़ से अधिक है। जैसे ही कर्मचारियों को इसका पता चला तो उन्होंने उच्च अधिकारियों को बताकर इस मामले की जांच की मांग की है, लेकिन कुल्लू में उच्च अधिकारियों ने आनन-फानन में एक करोड़ से अधिक छात्रवृत्ति राशि के चेक स्कूलों को बनाकर कुछ दिन पहले भेज दिए हैं। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर आज तक एक करोड़ की राशि क्यों वितरित नहीं की गई। इसमें जो राशि हाल ही में भेजी गई है इसमें विभाग से करीब 100 से करीब चेक बनाकर जिला कुल्लू के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति की राशि जारी कर दी।

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कुल्लू जिला में कुछ छात्रवृत्ति का पैसा लेट आया था। वर्ष 2013-14 का पैसा वर्ष 2016-17 में आया है जिस कारण यह राशि हाल ही में बांटी गई है। किसी अधिकारी के खाते में 21 लाख के घपले की बात झूठी है। ऐसा कुछ भी नहीं है। सभी को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

-जगदीश, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू ।

Posted By: Jagran