विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मंडी में ‘टाटा’ और हिसार में ‘डस्टर’ हरियाणा की दो गाड़ियों पर एक ही नंबर; हिमाचल में चालान होने पर खुली पोल

By Hansraj SainiEdited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 12 Sep 2026 01:36 PM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 02:57 PM (IST)

मंडी में एक टाटा गाड़ी पर हिसार की रेनाल्ट डस्टर का नंबर प्लेट लगा मिला, जिससे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ...और पढ़ें

हरियाण नंबर की दो कार।

हरियाण नंबर की दो कार।

HighLights

  1. मंडी में टाटा गाड़ी पर हिसार की डस्टर का नंबर मिला।

  2. हिसार के मालिक को हिमाचल से चालान आने पर हुआ खुलासा।

  3. पुलिस अंतरराज्यीय चोर गिरोह की संलिप्तता की जांच कर रही है।

हंसराज सैनी, मंडी। इसे अजूबा नहीं तो क्या कहें? गाड़ी घर के बाहर खड़ी है लेकिन चालान मोटर वाहन अधिनियम के तहत कट रहे हैं...। मंडी शहर में जालसाजी की रफ्तार पर उस समय पुलिस ने ब्रेक लगा दी, जब उसके हत्थे ऐसी गाड़ी चढ़ी जिस पर वही नंबर था, जो हिसार में खड़ी गाड़ी का था। इस पूरे मामले की शुरुआत होती है एक नंबर प्लेट एचआर-26-बीवाई-5790 से। यह नंबर कागजों में हरियाणा के हिसार निवासी सोमपाल की रेनाल्ट डस्टर का है।

गाड़ी घर के बाहर खड़ी-खड़ी धूल फांक रही थी, लेकिन सोमपाल के फोन पर एक के बाद एक ट्रैफिक चालान के मैसेज आने लग गए और लोकेशन थी हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर की। हिसार में बैठा मालिक हैरान-परेशान कि बिना चले उसकी गाड़ी के चालान कट कैसे रहे हैं? हार-थक कर उन्होंने हरियाणा पुलिस की शरण ली।

ऐसे खुली फर्जीवाड़े की पोल

फर्जीवाड़े का सच तब सामने आया जब शुक्रवार देर शाम मंडी पुलिस ने नो-पार्किंग जोन में खड़ी एक गाड़ी का ऑनलाइन चालान काटा। जैसे ही नंबर सिस्टम में डाला गया, पुलिस भी हैरान हो गई। जिस नंबर पर सिस्टम डस्टर दिखा रहा था, मौके पर उसी नंबर प्लेट के साथ टाटा की गाड़ी खड़ी थी।

पुलिस को दिखाने लगा धौंस

मामला पकड़ में आते ही जब पुलिस ने चालक को घेरा, तो उसने कानून का डर दिखाने के लिए खुद को वकील बताना शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस की सख्त पूछताछ और कागजी जांच के आगे उसकी वकालत पिघलने लगी। न उसके पास गाड़ी की आरसी थी न अन्य कोई दस्तावेज। 

हिसार में बैठे व्यक्ति ने भेज दिए दस्तावेज

पुलिस ने गाड़ी के असली पंजीकरण वाले मालिक सोमपाल से संपर्क किया तो उसने गाड़ी के फोटो और आरसी भी भेज दी जो जांच में सही पाई गई। दैनिक जागरण ने फर्जी नंबर प्लेट के खेल का पहले ही पर्दाफाश किया था।

चोर गिरोह या बड़ा आपराधिक नेटवर्क?

मंडी पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। अब सवाल यह है कि आखिर टाटा गाड़ी पर हिसार की डस्टर का नंबर क्यों लगा था? क्या इसके पीछे कोई अंतरराज्यीय चोर गिरोह या बड़ा आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है? पुलिस अब इसकी तह तक जाने में जुटी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी अभिमन्यु वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।



यह भी पढ़ें: सुंदरनगर में पुल से सतलुज नदी में कूदी महिला, युवाओं ने कूदकर बाहर निकाला पर नहीं बच पाई जान