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25 लाख की मोनोरेल बचाएगी बागवानों का समय और श्रम, हिमाचल में शिमला के बाद मंडी में भी हुई शुरुआत

By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 03:46 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 22 Oct 2026 04:27 PM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शिमला के बाद दूसरी मोनोरेल का उद्घाटन हुआ है, जो बागवानों के लिए खाद और फल परिवहन को आसान बनाएगी।

मंडी के पलोहटा में मोनोरेल पर सवार बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी।

मंडी के पलोहटा में मोनोरेल पर सवार बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी।

HighLights

  1. मंडी में 25 लाख की लागत से मोनोरेल शुरू।

  2. बागवानों का समय और श्रम बचाएगी यह परियोजना।

  3. एचपी शिवा परियोजना से बागवानी विकास को बढ़ावा।

सहयोगी, महादेव (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में शिमला के बाद मंडी जिले में भी मोनो रेल दौड़ पड़ी है। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीरवार को एचपी शिवा परियोजना के नाचन क्षेत्र के पलोहटा द्वितीय क्लस्टर में 25 लाख रुपये की लागत से स्थापित मोनोरेल का उद्घाटन किया। नेगी ने कहा कि मोनोरेल से खाद, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री बाग के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना तथा तैयार फल बाहर ले जाना आसान होगा। इससे बागवानों का श्रम और समय बचेगा।

यह विभाग का पायलट प्रोजेक्ट है। इसके परिणामों का आकलन किया जाएगा और सफल रहने पर प्रदेश के अन्य क्लस्टरों में भी जरूरत के अनुसार इसे स्थापित किया जाएगा। 

1100 करोड़ से विकसित हो रही बागवानी 

उन्होंने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के तहत करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत सात जिलों में लगभग 6,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी विकसित करने का लक्ष्य है। प्राकृतिक आपदा से काम में विलंब हुआ, लेकिन अब कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंडी में करीब 1,000 हेक्टेयर में बागवानी विकास और फरवरी तक निर्धारित क्षेत्र में पौधरोपण पूरा करने का लक्ष्य है।

पलोहटा में जापानी फल की किस्म विकसित

पलोहटा द्वितीय कलस्टर में 28.44 हेक्टेयर में जापानी फल की फ्यूयू किस्म की व्यावसायिक खेती विकसित की गई है। यहां 13,386 पौधे लगाए गए हैं, जिनसे 85 किसानों में 73 पुरुष और 12 महिलाएं लाभान्वित हो रहे हैं। क्लस्टर में आधारभूत सुविधाओं पर करीब 1.65 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें भूमि विकास पर लगभग 32 लाख, सौर ऊर्जा आधारित बाड़बंदी पर 46.55 लाख और ड्रिप सिंचाई पर करीब 85.94 लाख रुपये शामिल हैं। 

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, राज्य अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा व जिला समन्वयक एचपी शिवा एवं विषय विशेषज्ञ उद्यान राजेश शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।

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