गरीब किसानों को मिले 5 बीघा जमीन, स्मार्ट मीटर का हो निजीकरण; किसान सभा ने उठाई मांग
किसान सभा मंडी के 17वें सम्मेलन में पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने केंद्र व राज्य सरकार की किसान-बागवान विरोधी नीतियों पर सवाल उठाए। गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन देने।

मंडी में किसान सभा का 17वां सम्मेलन।
HighLights
गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराने की मांग
भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा, स्थानीय रोजगार सुनिश्चित हो
आवारा पशुओं, बिजली निजीकरण के खिलाफ ठोस नीति बने
संवाद सहयाेगी, मंडी। सौली खड्ड में आयोजित किसान सभा मंडी जिला के 17वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पूर्व विधायक एवं राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान-बागवान विरोधी नीतियों पर सवाल उठाए।
इस दौरान वक्ताओं ने मांग उठाई कि प्रदेश के गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए और उनके कब्जे वाली भूमि उनके नाम दर्ज हो। साथ ही फोरलेन, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीनों का उचित मुआवजा देने, इन प्रोजेक्टों में स्थानीय युवाओं को रोजगार सुनिश्चित करने और आवारा पशुओं व जंगली जानवरों की समस्या के समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।
सम्मेलन में मूलभूत सुविधाओं और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्मार्ट बिजली मीटर लगाने और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
13 और 14 अक्टूबर को रामपुर में होने वाले राज्य सम्मेलन के लिए 30 प्रतिनिधियों का चयन किया गया तथा 31 सदस्यीय नई ज़िला कमेटी का गठन हुआ, जिसमें कुशाल भारद्वाज को अध्यक्ष, भूपेंद्र सिंह को सचिव और जोगेंद्र वालिया को कोषाध्यक्ष चुना गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता कुशाल भारद्वाज, महेंद्र राणा, जगमेल ठाकुर, प्रेम चौधरी और रीता देवी ने संयुक्त रूप से की।
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