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मंडी शहर का 3 KM सफर होगा कम, हिमाचल सरकार ने पुल निर्माण को लेकर जारी किए 5.80 करोड़ रुपये

By Mukesh Kumar Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 25 Oct 2026 06:22 AM (IST)

पुरानी मंडी को शहर से जोड़ने वाले पुल के लिए हिमाचल सरकार ने 5.80 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया है। इससे शहर का 3 किलोमीटर का सफर कम होगा।

मंडी में पुल निर्माण से शहर का सफर कम हो जाएगा।

मंडी में पुल निर्माण से शहर का सफर कम हो जाएगा।

HighLights

  1. पुल के लिए 5.80 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी हुआ।

  2. पुरानी मंडी से शहर का 3 किलोमीटर सफर घटेगा।

  3. जाम की समस्या से मंडी शहर को मिलेगी राहत।

जागरण संवाददाता, मंडी। पुरानी मंडी को शहर से जोड़ने वाले पुल का अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से पहले आरंभ होने की तस्वीर साफ हो गई है। जमीन के आठ करोड़ के मुआवजे के लिए लटके इस प्रोजेक्ट में प्रदेश सरकार ने 5.80 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी कर दिया है। ऐसे में पुल के दोनों ओर के जमीन मालिकों को यह मुआवजा दिया जाएगा। इसके बाद पुल के अप्रोच का कार्य आरंभ होगा।

वर्ष 2018 में 5.03 करोड़ रुपये की लागत से 118 मीटर लंबे पुरानी मंडी से पड्डल सस्पेंशन फुट ब्रिज का निर्माण आरंभ हुआ था। संबंधित ठेकेदार ने इस समय पर तैयार भी कर दिया, लेकिन इसके दोनों ओर लगती जमीनें निजी थीं। ऐसे में जमीन मालिकों ने मुआवजा न मिलने के कारण इसका काम रुकवा दिया और मामला न्यायालय में चला गया। दोनों ओर करीब आठ करोड़ रुपये का मुआवजा बन रहा था।

सरकार ने जारी की किस्त

न्यायालय में मामला जाने के बाद विधायक अनिल शर्मा ने भी इस मामले को उठाया था। उसके बाद अब 5.80 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्रदेश सरकार की ओर से लोक निर्माण विभाग को जारी कर दी गई है। अब विभाग इसे न्यायालय में देगा और वहां से ही दोनों जमीन मालिकों को राशि जारी होगी।

3 किलोमीटर सफर होगा कम

इस पुल के सुचारू रूप से चलने से पुरानी मंडी से पड्डल व शहर में आने के लिए तीन किलोमीटर का सफर सीधा कम हो जाएगा। छोटे वाहन आराम से यहां से आ सकेंगे। वर्तमान समय में पुरानी मंडी से शहर आने के लिए नए विक्टोरिया पुल या भ्यूली पुल से होकर आना पड़ता है। इससे शहर में जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।

पुरानी मंडी के पुल के लिए 5.80 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी हुई है। इसे न्यायालय में दिया जाएगा, जहां से आगे रकम भूमि मालिकों को जारी होगी।
-डीके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मंडी।

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