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गैर हिमाचली परिवार ने मंडी में बिना अनुमति खरीदी जमीन, पेट्रोल पंप के लिए लीज पर दी; DC का कब्जा लेने के निर्देश

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 12:08 PM (IST)

मंडी उपायुक्त की अदालत ने भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के उल्लंघन में खरीदी गई जमीन और उस पर ...और पढ़ें

मंडी के उपायुक्त आईएएस अधिकारी अपूर्व देवगन।

मंडी के उपायुक्त आईएएस अधिकारी अपूर्व देवगन।

HighLights

  1. उपायुक्त मंडी ने अवैध जमीन व पेट्रोल पंप जब्त करने का आदेश दिया।

  2. गैर-हिमाचली परिवार ने धारा 118 का उल्लंघन कर जमीन खरीदी थी।

  3. एसडीएम बल्ह को तुरंत कब्जा लेने और इंतकाल दर्ज करने के निर्देश।

जागरण संवाददाता, मंडी। भूमि सुधार एवं भू-व्यवस्था अधिनियम 1972 की धारा 118 के उल्लंघन से जुड़े मामले में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अदालत ने राजेश कुमार अरोड़ा और पुष्पा रानी अरोड़ा द्वारा बल्ह के चक्कर में खरीदी जमीन और उस पर बने पेट्रोल पंप के ढांचे को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया। यह मामला विजिलेंस की जांच के बाद सामने आया था। 1982 में नंद लाल अरोड़ा (प्रतिवादियों के पिता) ने सोलन जिले के बासाल में मकान निर्माण के लिए धारा 118 के तहत सीमित अनुमति प्राप्त की थी।

बिना अनुमति खरीद ली जमीन

कानूनी प्रविधानों के अनुसार, यह अनुमति केवल एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए थी और इससे उन्हें कोई सामान्य कृषक का दर्जा नहीं मिला था। इसके बावजूद आरोपितों ने राजस्व रिकार्ड की कमियों का फायदा उठाते हुए सोलन की जमीन बेचने के बाद मंडी जिले के दौंहदी, बगला और गुटकर क्षेत्र में 1994 और 1996 में बिना किसी नई सरकारी अनुमति के कृषि योग्य भूमि खरीद ली।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपितों ने अपनी गैर-हिमाचली और गैर-कृषक होने की वास्तविक स्थिति को छुपाकर यह संपत्ति अर्जित की थी।

पेट्रोल पंप स्थापित किया

मामले में तीसरे पक्ष के रूप में जुड़ी सरकारी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड ने तर्क दिया कि उन्होंने वर्ष 2001 में 30 वर्ष की वैध लीज पर जमीन लेकर पेट्रोल पंप स्थापित किया है और वह इसके एक बोनाफाइड पट्टेदार हैं। हालांकि, जिला कलेक्टर ने इस दलील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध नींव पर वैध इमारत खड़ी नहीं हो सकती।

अधिनियम की धारा 118(3डी) के तहत जैसे ही मूल हस्तांतरण शून्य घोषित होता है, उससे जुड़ी सभी लीज और अन्य वाणिज्यिक व्यवस्थाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

एसडीएम को कब्जा लेने का आदेश

सोलन की पुरानी अनुमति का दुरुपयोग कर मंडी में की गई खरीद कानून के विरुद्ध है। उन्होंने एसडीएम बल्ह को तुरंत प्रभाव से उक्त भूमि और उस पर बने ढांचे का कब्जा लेने, राज्य सरकार के पक्ष में इंतकाल दर्ज कराने और मौके पर मौजूद सामान की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

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