बैंक से लोन लेकर भुगतान न करने पर मंडी कोर्ट ने लिया संज्ञान, दो मामलों में 12.40% ब्याज के साथ रिकवरी का आदेश
मंडी की वाणिज्यिक अदालत ने बैंक ऋण न चुकाने के दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। अदालत ने ...और पढ़ें

मंडी कोर्ट ने लोन रिकवरी के आदेश दिए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मंडी कोर्ट ने बैंक ऋण न चुकाने पर कड़ा रुख अपनाया।
दो मामलों में 13.50 लाख रुपये से अधिक की वसूली का आदेश।
एसबीआई और पीएनबी के पक्ष में ब्याज सहित राशि वसूलने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में जिला एवं सत्र न्यायालय मंडी के अंतर्गत कमर्शियल कोर्ट दो की न्यायाधीश ने बैंक ऋण न चुकाने से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। अदालत ने दोनों मामलों में बैंकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुल 13.50 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूलने के आदेश दिए हैं।
पहला मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा गांधी चौक, मंडी और मैसर्स विशाल कुमार ठेकेदार के बीच था।
7 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट की थी मंजूर
बैंक ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (तरुण) के तहत ठेकेदारी व्यवसाय के लिए सात लाख रुपये की कैश-क्रेडिट लिमिट मंजूर की थी। प्रतिवादियों द्वारा ऋण राशि और ब्याज नियमित रूप से न चुकाने पर बैंक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों के अदालत में पेश न होने पर उन्हें एकतरफा करार दिया गया। अदालत ने बैंक के साक्ष्यों को सही पाते हुए 7,63,604 रुपये की राशि 12.40 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर सहित वसूलने का आदेश दिया है।
मुद्रा योजना के तहत लिया लोन नहीं चुकाया
दूसरा मामला पंजाब नेशनल बैंक मोती बाजार शाखा, मंडी और मैसर्स नैना आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर के बीच था। इस मामले में प्रोपराइटर संतोष सचदेवा ने मुद्रा योजना के तहत पांच लाख रुपये का कैश-क्रेडिट ऋण और बाद में 90,000 रुपये का जीइसीएल ऋण लिया था। खातों के एनपीए होने और बकाया न चुकाने पर बैंक ने कानूनी कार्रवाई की।
न्यायाधीश ने दस्तावेजों के आधार पर बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 6,39,570.16 रुपये की रिकवरी 10.70 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ करने के आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में वाणिज्यिक लेनदेन होने के कारण याचिकाकर्ताओं को मुकदमे के खर्च के साथ-साथ वाद दायर करने की तिथि से लेकर पूरी वसूली तक तय ब्याज मिलेगा।
